गुवाहाटी, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने औद्योगिक और आर्थिक संसाधन के रूप में बांस की बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य जल्द ही गुवाहाटी के विभिन्न पार्कों में नई विकसित बांस की साइकिल लोगों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराएगा। इसका उद्देश्य व्यावसायिक लॉन्च से पहले लोगों से उत्पाद के बारे में फीडबैक लेना है।
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि उन्होंने हाल ही में इस साइकिल की सवारी की है। इसकी संरचना पूरी तरह बांस से तैयार की गई है और इसे भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) से प्रमाणन भी प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “जानना चाहते हैं कि मैं क्या चला रहा हूं? यह बांस की साइकिल है, जिसकी संरचना पूरी तरह बांस से बनी है और इसे बीआईएस से प्रमाणित किया गया है।”
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में गुवाहाटी के विभिन्न पार्कों में ये बांस की साइकिलें रखी जाएंगी। लोग इनकी सवारी कर सकेंगे और व्यावसायिक स्तर पर लॉन्च से पहले उत्पाद के बारे में अपना फीडबैक दे सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल असम में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध बांस की क्षमता को प्रदर्शित करने और विभिन्न उद्योगों में इसके अधिक इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
सरमा ने कहा, “असम में पाए जाने वाले बांस से 800 से अधिक तरह के उप-उत्पाद बनाए जा सकते हैं। इसका इस्तेमाल मेथनॉल से लेकर एटीएफ, मजबूत संरचनाओं और कई अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर किया जा सकता है।”
उन्होंने बांस को घास की श्रेणी में रखने के केंद्र सरकार के नीतिगत फैसले का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा बांस के वर्गीकरण में किए गए इस बदलाव से इसकी खेती, प्रसंस्करण और औद्योगिक उपयोग के लिए नए अवसर खुले हैं।
बांस के प्रचुर संसाधनों वाले असम में सरकार बांस आधारित उद्योगों और उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसका उद्देश्य स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का मूल्य बढ़ाने के साथ रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा करना है।
बांस की साइकिल को इस बात के उदाहरण के तौर पर पेश किया जा रहा है कि किस तरह पारंपरिक और स्थानीय रूप से उपलब्ध संसाधनों को आधुनिक उपभोक्ता उत्पादों में बदला जा सकता है।
गुवाहाटी के पार्कों में लोगों से लिए जाने वाले फीडबैक से साइकिल के डिजाइन, उपयोग में सुविधा और प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी मिलने की उम्मीद है। इसके आधार पर व्यापक स्तर पर लॉन्च से पहले आवश्यक सुधार किए जा सकते हैं।
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब विनिर्माण और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में टिकाऊ और स्थानीय संसाधनों से तैयार विकल्पों पर जोर बढ़ रहा है। बांस का इस्तेमाल परिवहन से जुड़े उत्पादों के अलावा निर्माण सामग्री और औद्योगिक कच्चे माल के रूप में भी तलाशा जा रहा है।
–आईएएनएस
डीएससी
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