गुवाहाटी, 22 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय सेना ने ऊपरी असम के सबसे अधिक प्रभावित जिलों में बाढ़ राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को अधिकारियों ने बताया कि सेना ने 700 से अधिक फंसे लोगों को बचाया है और सैकड़ों बाढ़ प्रभावित निवासियों को चिकित्सा सहायता और आवश्यक सामग्री प्रदान की है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सेना के स्पीयर कोर के अंतर्गत रेड शील्ड डिवीजन के जवान बाढ़ प्रभावित शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में चौबीसों घंटे मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान चला रहे हैं, जहां लगातार बारिश और नदियों के उफान से विशाल क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं।
सेना ने बताया कि बचाव दल ने बढ़ते बाढ़ के पानी में फंसे 700 से अधिक लोगों को निकाला है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में तैनात फील्ड टीमों के माध्यम से 150 से अधिक निवासियों को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद राहत अभियान जारी हैं, सैनिक जलमग्न गांवों और जलभराव वाले इलाकों में फंसे परिवारों तक पहुंचने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।
सेना ने प्रभावित निवासियों को आपातकालीन राशन पैकेट, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी वितरित की है, जिससे बाढ़ में फंसे लोगों को तत्काल सहायता मिल सके।
बचाव प्रयासों को मजबूत करने के लिए सेना के विमानन हेलीकॉप्टर दुर्गम स्थानों में फंसे लोगों की पहचान करने और बाढ़ की स्थिति का आकलन करने के लिए हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं।
हवाई सर्वेक्षण बचाव दल को बाढ़ के पानी से कटे हुए क्षेत्रों में अभियानों को प्राथमिकता देने में मदद कर रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सेना के इंजीनियरों को भी अलग-थलग पड़े गांवों तक संपर्क बहाल करने में सहायता के लिए तैनात किया गया है, ताकि पहुंच मार्गों में सुधार किया जा सके और राहत कार्यों में नागरिक अधिकारियों का सहयोग किया जा सके।
सेना ने कहा है कि वह प्रभावित लोगों को समय पर सुरक्षित निकालने और मानवीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नागरिक प्रशासन और अन्य आपदा राहत एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
असम में इस साल की सबसे भीषण बाढ़ के बीच राहत अभियान जारी हैं।
नवीनतम आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 25 जिलों में 72 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि बाढ़ से 31 लोगों की मौत हो चुकी है।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, बचाव दल और वितरण केंद्र कार्यरत हैं।
–आईएएनएस
एमएस/
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