असम राइफल्स के डीजी ने भारत-म्यांमार सीमा और कश्मीर घाटी में चौकसी बढ़ाने का किया आह्वान

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शिलांग, 23 मार्च (आईएएनएस)। असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा ने सोमवार को भारत-म्यांमार सीमा और कश्मीर घाटी की सुरक्षा और पवित्रता को बनाए रखने की रक्षा की आवश्‍यकता पर जोर दिया। उन्होंने बल से उभरती सुरक्षा चुनौतियों और भविष्य की आकस्मिकताओं के लिए तैयार रहने का आग्रह किया। असम राइफल्स कमांडर्स सम्मेलन का आयोजन शिलांग के लैतकोर स्थित असम राइफल्स महानिदेशालय के मुख्यालय में लेफ्टिनेंट जनरल लखेरा की अध्यक्षता में किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न फॉर्मेशनों के फॉर्मेशन कमांडरों, बटालियन कमांडरों और स्टाफ अधिकारियों ने भाग लिया। लेफ्टिनेंट जनरल लखेरा ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी पेशेवर…

शिलांग, 23 मार्च (आईएएनएस)। असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा ने सोमवार को भारत-म्यांमार सीमा और कश्मीर घाटी की सुरक्षा और पवित्रता को बनाए रखने की रक्षा की आवश्‍यकता पर जोर दिया।

उन्होंने बल से उभरती सुरक्षा चुनौतियों और भविष्य की आकस्मिकताओं के लिए तैयार रहने का आग्रह किया।

असम राइफल्स कमांडर्स सम्मेलन का आयोजन शिलांग के लैतकोर स्थित असम राइफल्स महानिदेशालय के मुख्यालय में लेफ्टिनेंट जनरल लखेरा की अध्यक्षता में किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न फॉर्मेशनों के फॉर्मेशन कमांडरों, बटालियन कमांडरों और स्टाफ अधिकारियों ने भाग लिया।

लेफ्टिनेंट जनरल लखेरा ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी पेशेवर रवैया और प्रभावी प्रदर्शन करने के लिए सभी रैंकों के कर्मियों की सराहना की। सम्मेलन के दौरान हुई चर्चाओं में परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने, युद्ध की तैयारी को बढ़ावा देने और समग्र दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

चर्चाओं में अगली पीढ़ी के हथियारों और उपकरणों को शामिल करने के लिए एक रोडमैप तैयार करना, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना और प्रशिक्षण एवं कौशल विकास पहलों में सुधार करना भी शामिल था।

भारत पूर्वोत्तर के चार राज्यों अरुणाचल प्रदेश (520 किमी), मणिपुर (398 किमी), नागालैंड (215 किमी) और मिजोरम (510 किमी) से होकर म्यांमार के साथ 1,643 किमी लंबी बिना बाड़ वाली सीमा साझा करता है। इस संवेदनशील क्षेत्र के अधिकांश भाग की सुरक्षा असम राइफल्स द्वारा की जाती है, जिसकी तैनाती जम्मू और कश्मीर में भी है।

सम्मेलन के दौरान राजभाषा पहलों के अनुकरणीय कार्यान्वयन के लिए असम राइफल्स राजभाषा शील्ड योजना पुरस्कार प्रदान किए गए, जिसमें 23 असम राइफल्स ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, उसके बाद 28 असम राइफल्स और 34 असम राइफल्स ने क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किए।

महानिदेशक ने शांति और स्थिरता बनाए रखने में कमांडरों के प्रयासों की सराहना की और गतिशील सुरक्षा वातावरण के बीच उच्च सतर्कता बरतने का आह्वान किया। सम्मेलन का समापन परिचालन उत्कृष्टता के प्रति नवीकृत प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

इसी बीच, असम राइफल्स के 191वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर, शिलांग स्थित मुख्यालय में एक जीवंत सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मेघालय के राज्यपाल सीएच विजयशंकर ने किया।

इस कार्यक्रम में पूर्वोत्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया गया, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने मिजोरम और मणिपुर के पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति दी।

इस दौरान नागालैंड के लिलिखरेई लोक समूह, असम राइफल्स जैज बैंड और एआरटीसी खेल टीम द्वारा मिश्रित मार्शल आर्ट्स का एक प्रभावशाली प्रदर्शन भी शामिल था। असम राइफल्स पब्लिक स्कूल के छात्रों ने भी एक जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुति दी, जिससे उत्सव का माहौल और भी बढ़ गया।

–आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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