तिरुवनंतपुरम, 4 नवंबर (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने बुधवार को केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) भर्ती विवाद में सामने आ रहे खुलासों को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य की प्रमुख भर्ती एजेंसी की साख को फिर से बहाल करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएससी के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और रिश्तेदारों की नियुक्ति करना आम जनता के साथ धोखे से कम नहीं है।
कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, हर दिन कई पीएससी परीक्षाओं से जुड़ी शिकायतें सामने आ रही हैं। जो रिपोर्टें आ रही हैं, वे खतरनाक हैं। हमारा काम पीएससी की साख को बहाल करना है और हम ऐसा करेंगे।
उन्होंने कहा कि जांच जारी रहने के कारण वे ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते। सही समय पर सब कुछ सामने लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पीएससी बोर्ड के सदस्यों के बीच मतभेद सामने आए हैं। उन्होंने सभी से जांच पूरी होने तक इंतजार करने की अपील की।
निजी कंपनियों से बिजली खरीद के विवाद पर मुख्यमंत्री सतीशन ने विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन पर पलटवार किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री विजयन पर बेबुनियाद बयान देने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली एलडीएफ सरकार ने भी उसी कंपनी से बिजली खरीदी थी, जिससे मौजूदा सरकार बातचीत कर रही है।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार राज्य की बिजली जरूरतों का अंदाजा लगाने और समय पर ऑर्डर देने में नाकाम रही थी।
प्रस्तावित मिशन समुद्र परियोजना पर मुख्यमंत्री ने वामपंथ पर विकास पहलों के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया। विझिनजाम बंदरगाह परियोजना के विरोध को याद करते हुए उन्होंने कहा कि अगर तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने सीपीआई (एम) के अभियान के आगे घुटने टेक दिए होते, तो केरल एक बड़ा विकास अवसर खो देता।
सरकार मछुआरा समुदाय के बच्चों के लिए एक शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने की भी योजना बना रही है। इसका उद्देश्य उन्हें बंदरगाह से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार के साथ आने वाले रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है।
मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि पिछली सरकार ने अधिकारियों को नए बार के लिए लाइसेंस देने की अनुमति देने वाले नियम बनाए थे। उनकी सरकार उस रास्ते पर नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि नई शराब नीति जल्द घोषित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने दो बड़ी पर्यटन परियोजनाओं, एक ओशिनेरियम और एक समुद्री संग्रहालय पर प्रगति की भी घोषणा की। दोनों परियोजनाओं के मसौदा प्रस्तावों को सरकार की मंजूरी मिल गई है। अगला कदम समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करना होगा।
हाल ही में आईएएस अधिकारियों के तबादले पर मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि यह विभागों में किया जाने वाला एक नियमित अभ्यास था। सरकार ने सभी नियमों का पालन किया है और इस तरह के तबादले सरकार का विशेषाधिकार हैं।
–आईएएनएस
वीकेयू/एबीएम
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