मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में घमासान, कांग्रेस ने हरदीप पुरी के खिलाफ राजकुमार लोहानी पर खेला दांव

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भोपाल, 2 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने सोमवार को मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव के लिए राजकुमार लोहानी को अपना उम्मीदवार बनाया है। इससे सत्ताधारी भाजपा के साथ मुकाबला तय हो गया है। भाजपा ने इस सीट के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। नामांकन प्रक्रिया के आखिरी दिन, जब लोहानी ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए, तो कांग्रेस विधायक और विपक्ष के उपनेता हेमंत कटारे उनके प्रस्तावक बने। राज्य विधानसभा में नामांकन दाखिल करते समय, कांग्रेस के एक अन्य विधायक (भोपाल उत्तर) आतिफ अकील और पार्टी के कई अन्य कार्यकर्ता लोहानी के साथ मौजूद…

भोपाल, 2 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने सोमवार को मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव के लिए राजकुमार लोहानी को अपना उम्मीदवार बनाया है। इससे सत्ताधारी भाजपा के साथ मुकाबला तय हो गया है। भाजपा ने इस सीट के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

नामांकन प्रक्रिया के आखिरी दिन, जब लोहानी ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए, तो कांग्रेस विधायक और विपक्ष के उपनेता हेमंत कटारे उनके प्रस्तावक बने।

राज्य विधानसभा में नामांकन दाखिल करते समय, कांग्रेस के एक अन्य विधायक (भोपाल उत्तर) आतिफ अकील और पार्टी के कई अन्य कार्यकर्ता लोहानी के साथ मौजूद थे। हालांकि, वहां कांग्रेस का कोई भी वरिष्ठ नेता मौजूद नहीं था।

230 सदस्यों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में, जहां से राज्यसभा सदस्य चुने जाते हैं, भाजपा के पास स्पष्ट संख्या बल है। इसके बावजूद, कांग्रेस ने इस मुकाबले में उतरने का फैसला किया है।

भाजपा ने इस सीट के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने 31 अक्टूबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव, राज्य भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया।

कांग्रेस उम्मीदवार के लिए यह एक कठिन चुनौती है, लेकिन लोहानी को मैदान में उतारने के कांग्रेस के फैसले ने मुकाबले को तय कर दिया है और विपक्ष को भाजपा को राजनीतिक रूप से चुनौती देने का मौका दिया है।

यह उपचुनाव केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन के 14 अक्टूबर को राज्यसभा से इस्तीफा देने के कारण जरूरी हो गया था। उनका कार्यकाल 2 अप्रैल, 2030 को समाप्त होने वाला था।

मुरुगन ने तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए केंद्रीय मंत्रिपरिषद और उच्च सदन (राज्यसभा) से इस्तीफा दे दिया।

इस चुनाव ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि उत्तर प्रदेश से पुरी का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला है।

इस उपचुनाव के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा की प्रभावी सदस्य संख्या 229 है। विधानसभा में भाजपा के 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास बहुत कम विधायक हैं। इससे सत्ताधारी पार्टी इस सीट को जीतने की मजबूत स्थिति में है।

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन पत्रों की जांच 3 नवंबर को होगी, जबकि उम्मीदवार 5 नवंबर तक अपना नामांकन वापस ले सकेंगे। यदि जरूरत पड़ी, तो 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच मतदान होगा और उसके बाद शाम 5 बजे वोटों की गिनती की जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी होनी है।

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 11 सीटें हैं, जिनमें से आठ पर भाजपा और दो पर कांग्रेस का कब्जा है, जबकि एक सीट अभी खाली है।

–आईएएनएस

एससीएच/एबीएम

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IANS Agency

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