बेंगलुरु, 6 नवंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने शुक्रवार को कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस का रुख स्पष्ट है और राज्य सरकार पार्टी के रुख से अलग कोई बात नहीं अपना सकती।
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर जारी बहस पर सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ मंत्रियों ने भले ही यह टिप्पणी की हो कि उनके निर्वाचन क्षेत्रों में इस प्रक्रिया का ज्यादा असर नहीं पड़ा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे राज्य में यह प्रक्रिया सही तरीके से पूरी की गई है। उन्होंने कहा, “कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में शायद केवल 2,000 नाम हटाए गए या जोड़े गए होंगे। लेकिन जब हम व्यापक तस्वीर देखते हैं तो गंभीर सवाल खड़े होते हैं।”
परमेश्वर के मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान करीब 1.08 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए। इनमें से लगभग 16 लाख लोगों को कथित तौर पर मृत घोषित किया गया, जबकि शिकायतें मिली हैं कि इनमें से कुछ लोग अभी भी जीवित हैं। वहीं, करीब 65 लाख लोगों को दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं की श्रेणी में रखा गया।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाता है तो उसका नाम नए स्थान की मतदाता सूची में शामिल होना चाहिए। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बेंगलुरु से मैसूरु जाता है तो उसका नाम मैसूरु की मतदाता सूची में होना चाहिए। लेकिन यदि वहां भी उसका नाम नहीं मिलता है तो गंभीर सवाल उठते हैं। कांग्रेस का मानना है कि ऐसी ही घटनाओं के कारण एसआईआर प्रक्रिया सही तरीके से नहीं की गई है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) दोनों स्तरों पर पार्टी ने एसआईआर के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा, “एसआईआर पर पार्टी का रुख स्पष्ट है। सरकार पार्टी के रुख के विपरीत कोई अलग रुख नहीं अपना सकती।”
वृद्धावस्था और दिव्यांगता पेंशन सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के निलंबन के मुद्दे पर परमेश्वर ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए दो से तीन बैठकें हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पहले आय पात्रता की सीमा 30,000 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर अब 1.20 लाख रुपये कर दिया गया है। इसलिए आय संबंधी पात्रता के कारण योग्य लाभार्थियों को परेशानी नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि एक अन्य बड़ी समस्या निर्धारित आयु पूरी नहीं करने वाले लोगों की ओर से पेंशन के लिए आवेदन करना है। वृद्धावस्था पेंशन 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए है, लेकिन 40, 30 और यहां तक कि 20 वर्ष के लोगों ने भी इसके लिए आवेदन किया है। परमेश्वर के अनुसार, ऐसे करीब 23 लाख आवेदनों की जांच की जा रही है और अपात्र आवेदनों को खारिज किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया के कारण कुछ दिनों के लिए पेंशन वितरण अस्थायी रूप से रोक दिया गया था, लेकिन अब इसे फिर से शुरू कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले एक सप्ताह से 15 दिनों के भीतर इस मुद्दे का समाधान कर लिया जाएगा।
–आईएएनएस
डीएससी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



