अमरावती, 1 नवंबर (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश में रविवार को हुए शहरी स्थानीय निकायों के मतदान को लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय बताया है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “दिनदहाड़े धांधली, मतदान एजेंटों को रोका जाना और बाहर निकाला जाना, और मतदाताओं को खुलेआम धमकाया जाना और उनके मतदान के अधिकार का प्रयोग करने से रोका जाना, ये सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ।”
जगन ने लिखा, “हे राम! लोकतंत्र बचाओ!” उन्होंने मतदान के दौरान कथित तौर पर टीडीपी कार्यकर्ताओं द्वारा की गई धांधली और हिंसा का एक वीडियो क्लिप भी पोस्ट किया।
उन्होंने पूछा, “पुलिवेंदुला (यूएलबी) में, 80 में से 70 मतदान केंद्रों पर वाईएसआरसीपी के मतदान एजेंटों को मतदान केंद्रों में प्रवेश नहीं करने दिया गया; मतदाता की पहचान कौन करेगा?”
वाईएसआरसीपी प्रमुख ने आरोप लगाया, “मेरे गृह निर्वाचन क्षेत्र पुलिवेंदुला के अलावा, निम्नलिखित यूएलबी के संबंध में भी इसी तरह की घटनाएं देखी गईं – कडपा, अनंतपुर, तिरूपति, कुरनूल, चित्तूर, ओंगोल, गुंटूर, नेल्लोर, विशाखापत्तनम (जीवीएमसी), विजयवाड़ा, माचेरला, चिलकलुरिपेट, विनुकोंडा, जम्मलमाडुगु, नंद्याल, चीमाकुर्थी, येम्मिगनूर, सुल्लुरपेटा, पलासा, नायडूपेटा, नंदीगामा, जग्गय्यापेटा, कुप्पम, पुत्तूर, भीमुनिपट्टनम, पार्वतीपुरम और अन्य।”
उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू के शासनकाल में आंध्र प्रदेश की चुनावी व्यवस्था भयावह रूप से ध्वस्त हो रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं का पूरी तरह से अपहरण हो चुका है। “यह अब चुनाव नहीं रहा; यह तो बस आपका चयन है। यह लोकतंत्र पर हमला है और जनता के जनादेश को पलटने का एक घिनौना प्रयास है!”
उन्होंने आगे कहा, “मैं विशेष रूप से उन बहादुर महिलाओं और समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं को सलाम करता हूं जिन्होंने लोकतंत्र को बचाने के लिए अंत तक डटकर संघर्ष किया।”
इस बीच, वाईएसआरसीपी के राज्य समन्वयक सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने कहा कि नगर निगम चुनाव प्रक्रिया एक मजाक बनकर रह गई है और चंद्रबाबू नायडू ने कृत्रिम जीत हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर चुनावी हेरफेर का सहारा लिया है।
वाईएसआरसीपी के केंद्रीय कार्यालय में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी पुनर्मतदान की मांग करेगी, अनियमितताओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी और एक बार फिर अदालतों का रुख करेगी।
सज्जाला ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान शुरू हुई अनियमितताएं मतदान के दिन चरम पर पहुंच गईं। वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया, नामांकन पत्र फाड़ दिए गए, अंतिम सूचियों से नाम गायब कर दिए गए, जांच के दौरान नामांकन खारिज कर दिए गए, उम्मीदवारों को नाम वापस लेने के लिए मजबूर किया गया और नेताओं पर मुकदमे चलाए गए, उन्हें जमानत पर रिहा किया गया और उन्हें नजरबंद कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी ने लगभग 1,500 से 2,000 लोगों से संबंधित सबूतों के साथ सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था, लेकिन सीसीटीवी निगरानी और नामांकन की समय सीमा बढ़ाने से संबंधित निर्देशों को भी राज्य चुनाव आयोग द्वारा प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया।
–आईएएनएस
एमएस/
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