नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। सरकार समर्थित डिजीहाट ने दिल्ली एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में मेट्रो टिकट सर्विसेज को शुरू किया है। इसके जरिए डिजीहाट की कोशिश एक यूनिफाइड डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म बनना है।
मेट्रो टिकट सर्विसेज को शुरू करने के साथ ही, डिजीहाट उन कुछ चुनिंदा एप्लीकेशन में से एक बन गया है, जो कि कॉमर्स और परिवहन सर्विसेज के साथ कई शहरों के लिए मेट्रो टिकट बुकिंग ऑफर करती हैं।
डिजीहाट ने कहा कि उसके 2 मिलियन से अधिक डाउनलोड पूरे हो चुके हैं और उसने 30,000 से अधिक यूजर्स की कम्यूनिटी बनाई है, जो दिखाता है कि उसका कम कमीशन और पारदर्शी मॉडल ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है।
डिजीहाट ने एक बयान में कहा, “मेट्रो टिकट सुविधा का एकीकरण परिवहन के क्षेत्र में इसकी स्थिति को और मजबूत करता है, जिससे यूजर्स को एक ही इकोसिस्टम के भीतर दैनिक यात्रा संबंधी जरूरतों की योजना बना सकते हैं और लेनदेन कर सकते हैं।”
डिजीहाट के मुख्य परिचालन अधिकारी राहुल विज ने कहा,“शुरू से ही हमारा लक्ष्य स्पष्ट रहा है। एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना जो निष्पक्ष, अंतरसंचालनीय और वास्तव में रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोगी हो।”
उन्होंने आगे कहा, “प्रमुख शहरों में मेट्रो टिकट सुविधा जोड़ने से हम भारत को सभी प्रमुख जरूरतों के लिए एक ही ऐप का उपयोग करने में सक्षम बनाने के करीब पहुंच गए हैं, साथ ही पारदर्शिता और सुलभता के अपने सिद्धांतों पर भी कायम हैं।”
डिजीहाट ने कहा कि यह विस्तार ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के पीछे सरकार समर्थित व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य एक खुला डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार करना है जो बिचौलियों को कम करे और उपभोक्ताओं और व्यवसायों दोनों के लिए पहुंच में सुधार करे।
इससे पहले मार्च में, ओएनडीसी ने डिजीहाट को एक ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में लॉन्च किया था जिसका उद्देश्य भारत के कारीगरों, किसानों और छोटे उत्पादकों को डिजिटल वाणिज्य ग्रिड से जोड़ना है, जो देश की विशाल अनौपचारिक अर्थव्यवस्था को औपचारिक रूप देने के प्रयासों का हिस्सा है।
लगभग एक साल पहले लॉन्च हुआ यह प्लेटफॉर्म वर्तमान में भारत टैक्सी और नम्मा यात्री जैसे साझेदार नेटवर्क के माध्यम से फूड डिलीवरी, ई-कॉमर्स और राइड-हेलिंग जैसी सेवाएं प्रदान करता है।
डिजीहाट – जो ओएनडीसी इकोसिस्टम के अंतर्गत काम करने वाली पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है – निर्मित भारत के तहत संचालित होती है, जो धारा 8 के तहत पंजीकृत एक गैर-लाभकारी संस्था है।
–आईएएनएस
एबीएस/
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