डीएमके ने तमिलनाडु में वीसीके के साथ गठबंधन पक्का किया, विधानसभा चुनाव के लिए आठ सीटें दी

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चेन्नई, 24 मार्च (आईएएनएस)। अपने चुनावी गठबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, डीएमके ने मंगलवार को वीसीके के साथ सीटों के बंटवारे का समझौता पक्का कर लिया। इस समझौते के तहत, डीएमके ने तमिलनाडु में होने वाले आगामी चुनावों के लिए दलितों पर केंद्रित इस पार्टी को विधानसभा की आठ सीटें आवंटित की हैं। कई दौर की बातचीत के बाद पक्का हुआ यह समझौता, वीसीके को छह आरक्षित सीटें और दो सामान्य सीटें देता है। इस समझौते पर डीएमके के मुख्यालय, अन्ना अरिवलयम में, मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन और वीसीके प्रमुख थोल…

चेन्नई, 24 मार्च (आईएएनएस)। अपने चुनावी गठबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, डीएमके ने मंगलवार को वीसीके के साथ सीटों के बंटवारे का समझौता पक्का कर लिया। इस समझौते के तहत, डीएमके ने तमिलनाडु में होने वाले आगामी चुनावों के लिए दलितों पर केंद्रित इस पार्टी को विधानसभा की आठ सीटें आवंटित की हैं।

कई दौर की बातचीत के बाद पक्का हुआ यह समझौता, वीसीके को छह आरक्षित सीटें और दो सामान्य सीटें देता है।

इस समझौते पर डीएमके के मुख्यालय, अन्ना अरिवलयम में, मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन और वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन की मौजूदगी में औपचारिक रूप से दस्तखत किए गए।

सूत्रों ने बताया कि वीसीके ने अपनी बढ़ती राजनीतिक अहमियत का हवाला देते हुए, सीटों में ज्यादा हिस्सेदारी, जिसमें दो अंकों में सीटों का बंटवारा और राज्यसभा की एक सीट शामिल थी, की जोरदार मांग की थी। हालांकि, डीएमके ने पिछले चुनाव के मुकाबले पार्टी की हिस्सेदारी में थोड़ी बढ़ोतरी करके बीच का रास्ता निकाला, लेकिन उसकी सभी मांगें नहीं मानीं।

2021 के विधानसभा चुनावों में, वीसीके ने छह सीटों पर चुनाव लड़ा था और चार सीटें जीती थीं; इस प्रदर्शन ने इस बार बातचीत में उसकी स्थिति को मजबूत किया।

2026 के चुनावों के लिए सीटों में की गई यह बढ़ोतरी, डीएमके की अपने सहयोगी का समर्थन बनाए रखने की कोशिश को दिखाती है, साथ ही यह बड़े गठबंधन के दायरे में संतुलन भी बनाए रखती है।

अब जब यह समझौता हो गया है, तो वीसीके ने औपचारिक रूप से डीएमके द्वारा तय की गई शर्तों के तहत चुनाव लड़ने पर सहमति दे दी है, जिससे सीटों के बंटवारे पर चल रही बातचीत को लेकर हफ्तों से बनी अनिश्चितता खत्म हो गई है।

इस घटनाक्रम को सत्ताधारी पार्टी के लिए एक अहम कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि वह चुनावों से पहले एक मजबूत गठबंधन बनाने की कोशिश में जुटी है।

उम्मीद है कि डीएमके आने वाले दिनों में अपने दूसरे सहयोगियों के साथ बातचीत तेज करेगी, ताकि नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले सीटों के बंटवारे का काम पूरा किया जा सके। पार्टी नेताओं का मानना ​​है कि गठबंधन को जल्द से जल्द पक्का कर लेने से चुनाव प्रचार के काम में आसानी होगी और सभी विधानसभा क्षेत्रों में तालमेल मजबूत होगा।

भले ही तमिलनाडु में दोनों पार्टियों के बीच समझौता हो गया है, लेकिन वीसीके ने आज ही दिन में यह ऐलान किया कि वह पुडुचेरी की तीन विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। पार्टी नेता थोल. थिरुमावलवन ने केंद्र शासित प्रदेश में डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही बातचीत में लगातार हो रही देरी का हवाला देते हुए यह बात कही।

–आईएएनएस

एससीएच

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