एफईएमए नियमों के उल्लंघन के कारण ईडी ने जबलपुर में 3.67 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की

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भोपाल, 23 ​​जुलाई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल जोनल ऑफिस ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में बताया कि उसने फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (एफईएमए), 1999 के संबंधित प्रावधानों के तहत जबलपुर में 3.67 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति जब्त की है। प्रियंक मेहता की यह संपत्ति एफईएमए प्रावधानों के उल्लंघन का पता चलने के बाद जब्त की गई। यह कार्रवाई इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से मिली खास जानकारी और उसके बाद ईडी की जांच के आधार पर की गई। अधिकारियों को पता चला कि मेहता ने अमेरिका में ईबी-5 वीजा प्रोग्राम में निवेश के लिए लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस)…

भोपाल, 23 ​​जुलाई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल जोनल ऑफिस ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में बताया कि उसने फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (एफईएमए), 1999 के संबंधित प्रावधानों के तहत जबलपुर में 3.67 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति जब्त की है।

प्रियंक मेहता की यह संपत्ति एफईएमए प्रावधानों के उल्लंघन का पता चलने के बाद जब्त की गई।

यह कार्रवाई इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से मिली खास जानकारी और उसके बाद ईडी की जांच के आधार पर की गई।

अधिकारियों को पता चला कि मेहता ने अमेरिका में ईबी-5 वीजा प्रोग्राम में निवेश के लिए लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत 5,48,000 अमेरिकी डॉलर भेजे थे। हालांकि, इस फंड का एक बड़ा हिस्सा – 5,02,954 अमेरिकी डॉलर – बताए गए मकसद के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया।

वापस मिली रकम को भारत लाने के बजाय, मेहता ने इसे सीधे अमेरिका से पुर्तगाल ट्रांसफर कर दिया।

आगे की जांच से पता चला कि वापस मिली रकम को भारत से भेजे गए अतिरिक्त फंड के साथ मिलाकर पुर्तगाल में अचल संपत्ति खरीदने में इस्तेमाल किया गया। बाकी बची रकम पुर्तगाल के एक विदेशी बैंक खाते में ही रखी रही।

ईडी के अनुसार, विदेश में विदेशी मुद्रा और संपत्ति हासिल करना, रखना और इस्तेमाल करना एफईएमए, 1999 की धारा 4 और धारा 10(6) का उल्लंघन था।

ईडी ने बताया कि एफईएमएस के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उसने जबलपुर में मेहता की लगभग 3.67 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की। यह रकम एफईएमए प्रावधानों का उल्लंघन करके भारत के बाहर रखी गई विदेशी मुद्रा के बराबर है।

अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि ऐसी कार्रवाई विदेशी मुद्रा रेमिटेंस के गलत इस्तेमाल को रोकने और रेगुलेटरी नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जारी कोशिशों का हिस्सा है।

ईडी ने पुष्टि की कि इस मामले में आगे की जांच चल रही है, जिसमें कथित उल्लंघनों से जुड़े अतिरिक्त ट्रांजैक्शन और संपत्तियों का पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

यह घटनाक्रम सीमा-पार वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखने में एजेंसी की सतर्कता और विदेशी मुद्रा से जुड़े कानूनी नियमों को दरकिनार करने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के उसके संकल्प को दिखाता है।

यह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एलआरएस के तहत किए गए विदेशी निवेश और भेजे गए फंड के गलत इस्तेमाल के नतीजों की जांच-पड़ताल बढ़ा रहा है।

यह जब्ती मध्य प्रदेश में ईडी की एक और अहम प्रवर्तन कार्रवाई है, जो भारत की वित्तीय प्रणाली की अखंडता बनाए रखने के उसके काम को और मजबूत करती है।

–आईएएनएस

एमएस/

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