पोरबंदर, 8 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने पोरबंदर जिले के माधवपुर में श्री कृष्ण-रुक्मिणी यात्राधाम के रीडेवलपमेंट (पुनर्विकास) का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। 43.72 करोड़ रुपये की लागत से ऐतिहासिक माधवरायजी मंदिर का जीर्णोद्धार, तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाना और समुद्र तटीय धार्मिक स्थल पर टूरिज्म से जुड़ी सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा।
गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड की ओर से इसका पुनर्विकास किया जाएगा। राज्य सरकार के अनुसार, माधवपुर गांव के एक किलोमीटर के दायरे में मौजूद सभी प्राचीन और धार्मिक स्थलों को एक ही हेरिटेज सर्किट में जोड़ा जाएगा।
पहला चरण पूरा होने के बाद दूसरा चरण शुरू हो रहा है। पहले चरण का काम 47.99 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। शुरुआती चरण में श्री रुक्मिणी माताजी मंदिर, चोरी मायरा (शादी का पवित्र मंडप), पवित्र ब्रह्मकुंड और जगह के मुख्य प्रवेश द्वार को विकसित किया गया और उनका उद्घाटन किया गया।
सरकार ने दूसरे चरण को दो साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। दूसरे चरण में 20.25 करोड़ रुपये की लागत से ऐतिहासिक माधवरायजी मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाएगा। पुनर्विकास में मंदिर के पास 200 मीटर का समुद्र तट भी शामिल है। जहां फूड कियोस्क, फूड कोर्ट बैठने की जगह, सार्वजनिक शौचालय और पर्यटकों के लिए अन्य सुविधाओं के साथ एक टूरिज्म जोन बनाया जाएगा।
सालाना माधवपुर मेले और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ को बेहतर ढंग से संभालने के लिए, सरकार 5.31 करोड़ रुपये की लागत से एक बाहरी प्लाजा और पार्किंग की सुविधा विकसित करेगी।
मंदिर तक सड़क संपर्क भी बेहतर किया जाएगा। सड़क और भवन विभाग स्थानीय कछुआ प्रजनन केंद्र को माधवरायजी मंदिर से जोड़ने वाली सड़क को नौ मीटर तक चौड़ा करेगा। लैंडस्केपिंग, फव्वारे, सनातन संस्कृति को दर्शाने वाली मूर्तियां, साइनबोर्ड और सेल्फी पॉइंट भी बनाए जाएंगे। इन कामों की अनुमानित लागत 3.45 करोड़ रुपये है।
अधिकारियों ने कहा, “यह पुनर्विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ (विकास के साथ-साथ विरासत) के विजन के अनुरूप किया जा रहा है। बेहतर बनाए गए तीर्थ स्थल से भक्तों के लिए सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद है, साथ ही इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।”
–आईएएनएस
एसडी/पीएम
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