अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में नौ लोगों की मौत का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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अहमदाबाद, 19 जुलाई (आईएएनएस)। अहमदाबाद के रामोल इलाके में जिस अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ था, उसके कथित ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया गया है। फैक्ट्री में हुए धमाके में नौ लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने जांच तेज कर दी है और बिना जरूरी लाइसेंस और सेफ्टी अप्रूवल के यूनिट चलाने के आरोपियों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया है। रविवार को यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने कहा कि क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी मेहुल डोडिया को साबरमती इलाके से गिरफ्तार किया…

अहमदाबाद, 19 जुलाई (आईएएनएस)। अहमदाबाद के रामोल इलाके में जिस अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ था, उसके कथित ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया गया है। फैक्ट्री में हुए धमाके में नौ लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने जांच तेज कर दी है और बिना जरूरी लाइसेंस और सेफ्टी अप्रूवल के यूनिट चलाने के आरोपियों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया है।

रविवार को यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने कहा कि क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी मेहुल डोडिया को साबरमती इलाके से गिरफ्तार किया है, जब वह धमाके में घायल होने के बावजूद मौके से भाग गया था।

गहलोत ने कहा कि मेहुल धमाके के समय फैक्ट्री में मौजूद था।

उन्होंने कहा, “वह भी घायल हो गया और घटना के बाद मौके से भाग गया।”

पुलिस ने मेहुल की मां रमीला डोडिया, जो फैक्ट्री चलाती थी और उसके कथित पार्टनर सादिक सैयद को भी गिरफ्तार किया है। धमाके में रमीला के कान का पर्दा फट गया था।

कमिश्नर के मुताबिक, फैक्ट्री को पहले 4 मार्च को लाइसेंस खत्म होने के बाद बंद कर दिया गया था और उसे रिन्यू नहीं किया गया था।

हालांकि, धमाके से करीब 20 से 25 दिन पहले गणेश त्योहार के ऑर्डर के लिए पटाखे बनाने के लिए इसने फिर से काम शुरू कर दिया था। काम के लिए दाहोद जिले से मजदूरों को अहमदाबाद लाया गया था।

गहलोत ने कहा, “शुरुआती जांच से पता चलता है कि साइट पर दो या तीन छोटे स्ट्रक्चर थे। जब वे पटाखे बना रहे थे और अंदर भरने का काम कर रहे थे, तो लगता है कि चिंगारियां वहीं से निकलीं।”

उन्होंने आगे कहा कि जांच करने वालों को मेहुल से पूछताछ के बाद घटनाओं का सही क्रम पता चलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि फोरेंसिक एक्सपर्ट्स और एक्सप्लोसिव स्पेशलिस्ट्स ने साइट से सबूत इकट्ठा किए हैं और पूरी तरह से नियम तोड़ने का पता लगाया है।

उन्होंने कहा, “अगर लाइसेंस दिया भी गया होता तो सिर्फ 15 किलोग्राम एक्सप्लोसिव स्टोर किया जाना चाहिए था, लेकिन कई बोरियों में 15 किलोग्राम से कहीं ज्यादा एक्सप्लोसिव थे। फैक्ट्री को चलाने की कोई परमिशन नहीं थी, फिर भी वह चल रही थी।”

इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा यह है कि 2014 में भी इसी जगह पर एक बड़ा धमाका हुआ था। इस घटना में एक 14 साल के बच्चे की मौत हो गई थी। उस समय, फैक्ट्री रमीला चलाती थी, और उस घटना के बाद उसका लाइसेंस कैंसल कर दिया गया था। लेकिन, आरोप है कि रमीला ने बाद में अपने बेटे मेहुल के नाम पर नया लाइसेंस लिया और फैक्ट्री फिर से शुरू कर दी।

पुलिस ने रामोल पुलिस स्टेशन में मेहुल डोडिया, रमीला डोडिया और सादिक सैयद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के सेक्शन 105, 287, 288 और 61(2) के साथ-साथ एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट, 1908 के सेक्शन 5(ए) और 6, और एक्सप्लोसिव एक्ट, 1884 के सेक्शन 9(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की है।

शिकायत में आरोप है कि आरोपियों ने वस्त्राल में जमीन किराए पर ली और बिना जरूरी लाइसेंस और परमिट के गैर-कानूनी तरीके से फैक्ट्री चलाई। पुलिस ने कहा कि अगर और सबूत सामने आए तो और आरोपियों के नाम भी बताए जाएंगे।

जांच में जमीन के मालिक, फाइनेंसर और पटाखों के ऑर्डर देने वालों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा, “कुछ लोगों ने 50,000 रुपए एडवांस दिए थे, जबकि कुछ ने करीब एक लाख रुपए दिए थे।”

उन्होंने यह भी कहा कि जांच करने वाले यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या कस्टमर्स को पता था कि यूनिट गैर-कानूनी तरीके से चल रही है।

पुलिस एक्सप्लोसिव के सोर्स और मेहुल और सादिक सैयद के बीच कथित पार्टनरशिप की भी जांच कर रही है।

गहलोत ने कहा कि सैयद से जुड़ी ऐसी ही एक पटाखा बनाने वाली यूनिट में हाल ही में खेड़ा जिले में धमाका हुआ था, हालांकि वहां किसी की मौत की खबर नहीं है।

यह धमाका शनिवार दोपहर को रामोल-गतराड रोड पर कथित तौर पर गैर-कानूनी पटाखा बनाने वाली यूनिट में हुआ। इस धमाके में तीन बच्चों समेत नौ लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए।

धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की फैक्ट्रियों की खिड़कियां टूट गईं और कुछ पीड़ितों की पहचान करना मुश्किल हो गया।

घटना के बाद, अहमदाबाद पुलिस, अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और फायर डिपार्टमेंट की जॉइंट टीमों ने शहर के बाहरी इलाकों में जांच शुरू की।

शनिवार रात ग्यासपुर और नारोल में दो पटाखा यूनिट सील कर दी गईं। गहलोत ने कहा कि शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में इंस्पेक्शन जारी रहेगा, और कहा कि बिना इजाजत के चलने वाले गैर-कानूनी स्ट्रक्चर पर संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कमिश्नर ने कहा, “हम सारे सबूत इकट्ठा करेंगे, जल्द से जल्द चार्जशीट फाइल करेंगे, और यह पक्का करेंगे कि इस बार आरोपी बच न पाएं और केस जल्द से जल्द ट्रायल के लिए जाए।”

–आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी

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