तमिलनाडु: भीषण गर्मी में बिजली की मांग ने तोड़ा रिकॉर्ड, 20,974 मेगावाट के पार पहुंचा आंकड़ा

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चेन्नई, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। तमिलनाडु में भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग अब तक के उच्चतम स्तर ( 20,974 मेगावाट तक) पहुंच गई है। राज्य के कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है, जिसका साफ असर पावर ग्रिड पर पड़ता दिखाई दे रहा है। बिजली की ये खपत पिछले साल की बिजली खपत से ज्यादा है। दैनिक ऊर्जा उपयोग भी 460 मिलियन यूनिट (एमयू) के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। नवीनतम मांग ने 2024 में दर्ज किए गए बिजली खपत के पिछले रिकॉर्ड 20,830 मेगावाट को पार कर लिया है।…

चेन्नई, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। तमिलनाडु में भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग अब तक के उच्चतम स्तर ( 20,974 मेगावाट तक) पहुंच गई है। राज्य के कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है, जिसका साफ असर पावर ग्रिड पर पड़ता दिखाई दे रहा है। बिजली की ये खपत पिछले साल की बिजली खपत से ज्यादा है।

दैनिक ऊर्जा उपयोग भी 460 मिलियन यूनिट (एमयू) के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। नवीनतम मांग ने 2024 में दर्ज किए गए बिजली खपत के पिछले रिकॉर्ड 20,830 मेगावाट को पार कर लिया है।

इस तरह बिजली खपत का नया आंकड़ा 454.320 एमयू के पिछले उच्चतम स्तर को पार कर गया है, जो बिजली के उपयोग में वर्तमान उछाल के पैमाने को रेखांकित करता है।

करूर परमाथी में अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि इरोड और मदुरै जैसे आंतरिक जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जो व्यापक लू के प्रकोप का संकेत देता है।

अधिकारियों ने कहा कि लंबे समय तक चली भीषण गर्मी का असर राज्य की बिजली मांग के पैटर्न में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। थोड़े समय के अंतराल में कई बार पीक लोड 20,000 मेगावाट के निशान को पार कर गया, जो छिटपुट उछाल के बजाय निरंतर उच्च खपत का संकेत देता है।

सौर ऊर्जा उत्पादन ने दिन के समय की मांग के एक हिस्से को पूरा करने में मदद की है, जिसकी अधिकतम उत्पादन क्षमता 5,401 मेगावाट और 8,011 मेगावाट के बीच रही है।

हालांकि, शाम के समय तक उच्च तापमान बने रहने के कारण सौर ऊर्जा की कुल मांग अधिक बनी हुई है, जिससे इसके प्रभाव में कमी आ रही है।

इससे पहले, इसी अवधि के दौरान चरम मांग केवल एक बार 20,000 मेगावाट के आंकड़े को पार कर गई थी, जबकि औसत स्तर काफी कम था।

पिछले वर्ष दैनिक उपयोग की अधिकतम मात्रा कम थी, वर्तमान अवधि में खपत अक्सर 400 एमयू के आंकड़े को पार कर गई है और कई दिनों तक 420 एमयू से ऊपर बनी रही है, यहां तक कि गर्मियों के चरम चरण से पहले ही कई बार यह 430 एमयू के करीब या उससे अधिक पहुंच गई है।

गर्म और आर्द्र मौसम के बने रहने की आशंका को देखते हुए अधिकारियों को ग्रिड पर लगातार दबाव पड़ने की आशंका है, जिसका मुख्य कारण शीतलन उपकरणों का बढ़ता उपयोग और पूरे राज्य में लगातार उच्च तापमान है।

— आईएएनएस

एसएके/वीसी

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