हैदराबाद, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (एचवाईडीआरएए) ने बुधवार को सरकारी जमीन पर हुए कब्जों को हटाने के लिए एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। राजेंद्रनगर मंडल के शास्त्रीपुरम में एचवाईडीआरएए की टीमों ने कड़ी सुरक्षा के बीच पांच निर्माणाधीन इमारतों को गिरा दिया।
एचवाईडीआरएए के कर्मचारियों ने खेल के मैदान के लिए आवंटित जमीन पर अवैध रूप से बनी इमारतों को गिरा दिया। 100 करोड़ रुपए की जमीन को बचाने के लिए पांच जी+3 (ग्राउंड फ्लोर + 3 मंजिल) निर्माणाधीन इमारतों को गिरा दिया गया। दो छोटी इमारतों को भी जमीन के बराबर कर दिया गया। दो इमारतों को नहीं गिराया गया क्योंकि वहां कुछ परिवार रह रहे थे।
ये कब्जे हैदराबाद अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एचयूडीए) द्वारा मंजूर किए गए लेआउट पर किए गए थे। ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (जीएचएमसी) ने पहले भी कब्जा करने वालों को नोटिस जारी किए थे।
स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद एचवाईडीआरएए ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। आरोप है कि अतिक्रमणकारियों ने नोटरी से प्रमाणित दस्तावेजों के जरिए इस जमीन पर प्लॉट बेच दिए थे।
188 एकड़ में फैले इस मंजूरशुदा लेआउट में 1,800 प्लॉट हैं। अधिकारियों ने एक खेल के मैदान के लिए 6,500 वर्ग गज जमीन आरक्षित की थी, लेकिन कुछ लोगों ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया और अवैध रूप से प्लॉट बेच दिए।
एचवाईडीआरएए के अधिकारियों ने जीएचएमसी और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर हाल ही में इस इलाके का निरीक्षण किया था, और जांच के बाद इस बात की पुष्टि की कि जमीन पर अतिक्रमण किया गया है।
एचवाईडीआरएए का गठन 2024 में तेलंगाना सरकार द्वारा झीलों, खेल के मैदानों, खुली जमीनों और अन्य सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए किया गया था। इसने हैदराबाद और उसके आस-पास के जल निकायों से अतिक्रमण हटाने के लिए कई अभियान चलाए हैं।
एजेंसी ने अब तक 1,045 एकड़ से ज्यादा सरकारी जमीन और जल निकायों को वापस हासिल कर लिया है, जिससे लगभग 60,000 करोड़ रुपए की शहरी संपत्तियां सुरक्षित हुई हैं।
एचवाईडीआरएए के कमिश्नर एवी. रंगनाथ के अनुसार एजेंसी ने सरकारी जमीन, झीलें, पार्क, नाले और सड़कें वापस हासिल की हैं।
एचवाईडीआरएए को लोगों से झीलों, पार्कों, सड़कों, नालों, सरकारी जमीन और अवैध लेआउट पर अतिक्रमण के बारे में शिकायतें मिल रही हैं।
पिछले साल अक्टूबर में, एचवाईडीआरएए ने शहर के बीचों-बीच स्थित पॉश इलाके बंजारा हिल्स में पांच एकड़ सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया था, जिससे 750 करोड़ रुपए की संपत्ति वापस हासिल हुई।
कथित तौर पर इस जमीन पर पार्थसारथी नाम के एक व्यक्ति ने कब्जा कर रखा था, जिसने इसकी सुरक्षा के लिए बाउंसर और कुत्ते भी तैनात कर रखे थे।
–आईएएनएस
एमएस/
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