भारत ने यूएई को अनार और कीवी का किया निर्यात, किसानों की बढ़ेगी आय

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नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारत के अनार और कीवी फलों की ताजा खेप यूएई के दुबई के बाजार में पहुंच गई है, जिससे देश के किसानों के लिए नए बाजारों के रास्ते खुले हैं। यह केंद्र सरकार के कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से संभव हुआ है। यह जानकारी वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को दी। वाणिज्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान के अनुसार, एपीडा ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से सिंदूरी किस्म के 1.3 मीट्रिक टन अनार और अरुणाचल प्रदेश के जीरो से 1.5 मीट्रिक टन…

नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारत के अनार और कीवी फलों की ताजा खेप यूएई के दुबई के बाजार में पहुंच गई है, जिससे देश के किसानों के लिए नए बाजारों के रास्ते खुले हैं। यह केंद्र सरकार के कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से संभव हुआ है। यह जानकारी वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को दी।

वाणिज्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान के अनुसार, एपीडा ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से सिंदूरी किस्म के 1.3 मीट्रिक टन अनार और अरुणाचल प्रदेश के जीरो से 1.5 मीट्रिक टन कीवी के परीक्षण निर्यात को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई तक पहुंचाने में मदद की है।

अनार की इस खेप में 2-2 किलोग्राम के 650 बॉक्स शामिल थे, जिसका निर्यात उत्तर प्रदेश स्थित अमामा एक्सपोर्ट्स ने किया। इस पहल के तहत स्थानीय उत्पादकों और एक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) को निर्यातक से जोड़ा गया है, जिससे हिमाचल प्रदेश के बागवानी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने के अवसर मिल रहे हैं।

बयान के अनुसार, अनार सीधे स्थानीय किसानों और भुंतर एफपीओ से खरीदे गए थे, जो लगभग 600 किसानों से जुड़ा हुआ है। कुल्लू जिला बागवानी प्रशासन ने खरीद और समन्वय में मदद करके इस पहल को समर्थन दिया।

यह पहल किसानों के लिए बाजार संपर्क मजबूत करने में प्रत्यक्ष खरीद और एफपीओ के माध्यम से सामूहिक भागीदारी की भूमिका को दर्शाती है। इस निर्यात में शामिल किसानों को घरेलू बाजार में प्रचलित कीमतों की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक मूल्य मिला।

सिंदूरी किस्म हिमाचल प्रदेश में उगाई जाने वाली अनार की प्रमुख किस्मों में शामिल है। इसके अलावा यहां भगवा और कंधारी किस्मों की भी खेती होती है। आकर्षक लाल छिलके, रसीले दानों और मीठे-खट्टे स्वाद के लिए पहचाने जाने वाले सिंदूरी अनार ताजा खपत के लिए उपयुक्त हैं और इनमें निर्यात बाजार की भी अच्छी संभावनाएं हैं।

अरुणाचल प्रदेश से 1.5 मीट्रिक टन कीवी की परीक्षण निर्यात खेप सफलतापूर्वक दुबई पहुंची और अल कुसैस स्थित लुलु हाइपरमार्केट में प्रदर्शित की गई। यह पहल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इस फल की संभावनाओं का आकलन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) के तहत शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य ‘कीवी: अरुणाचल प्रदेश की यूएसपी’ ब्रांडिंग अभियान के अंतर्गत राज्य के कीवी क्षेत्र को बढ़ावा देना और मजबूत करना है। राज्य सरकार के सहयोग से लागू इस पहल का लक्ष्य राज्य के कीवी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पेश करना, उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया का आकलन करना और स्थानीय उत्पादकों के लिए निर्यात के अवसर बढ़ाने हेतु मजबूत बाजार संपर्क विकसित करना है।

अरुणाचल प्रदेश की ऊंचाई वाले क्षेत्रों की जलवायु और प्राकृतिक वातावरण कीवी की खेती के लिए अनुकूल हैं। यहां उगने वाले कीवी की गुणवत्ता और स्वाद विशिष्ट हैं। राज्य के उत्पादों में प्रीमियम घरेलू बाजारों, निर्यात को बढ़ावा देने और मूल्यवर्धित उत्पादों के क्षेत्र में अच्छी संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में मुख्य रूप से हेवर्ड, मोंटी, एलिसन और ब्रूनो किस्मों की खेती की जाती है। इनमें हेवर्ड किस्म की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी मांग है।

इस पहल का उद्देश्य स्थानीय कीवी उत्पादकों को संभावित विदेशी बाजारों से जोड़ना भी है, ताकि भविष्य में होने वाली खेपों के माध्यम से बिक्री के अतिरिक्त माध्यम और किसानों को बेहतर आय के अवसर मिल सकें। उम्मीद है कि इस परीक्षण निर्यात से बाजार की प्रतिक्रिया का आकलन करने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अरुणाचल प्रदेश के कीवी की पहुंच बढ़ाने के लिए जरूरी आवश्यकताओं की पहचान करने में मदद मिलेगी।

–आईएएनएस

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IANS Agency

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