सीएम सिद्धारमैया ने पेट्रोलियम मंत्री को पत्र लिख केंद्र से वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति बढ़ाने का किया आग्रह

Summary :

बेंगलुरु, 19 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर बेंगलुरु में बढ़ती कमी के बीच वाणिज्यिक एलपीजी और ऑटो एलपीजी की आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पत्र में बताया कि वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति में व्यवधान हाल ही में केंद्रीय मंत्रालय के उन निर्देशों के बाद हुआ है, जिनमें घरेलू एलपीजी वितरण को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र के दिशानिर्देशों के अनुसार आवश्यक क्षेत्रों के लिए आपूर्ति को…

बेंगलुरु, 19 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर बेंगलुरु में बढ़ती कमी के बीच वाणिज्यिक एलपीजी और ऑटो एलपीजी की आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पत्र में बताया कि वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति में व्यवधान हाल ही में केंद्रीय मंत्रालय के उन निर्देशों के बाद हुआ है, जिनमें घरेलू एलपीजी वितरण को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र के दिशानिर्देशों के अनुसार आवश्यक क्षेत्रों के लिए आपूर्ति को विनियमित और प्राथमिकता देने के कदम उठाए हैं।

हालांकि, सिद्धारमैया ने मांग और आपूर्ति के बीच बड़े अंतर की ओर इशारा किया। उन्होंने बताया कि रेस्तरां, होटल, कैटरिंग यूनिट्स और पेइंग गेस्ट आवासों की ओर से प्रतिदिन लगभग 50,000 एलपीजी सिलेंडरों की जरूरत के मुकाबले वर्तमान में केवल करीब 1,000 सिलेंडर ही आपूर्ति किए जा रहे हैं। इस कमी के कारण वाणिज्यिक एलपीजी की अनुपलब्धता से कई प्रतिष्ठानों के बंद होने में वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति छात्रों, आईटी पेशेवरों, किसानों और डेयरी उत्पादकों सहित समाज के बड़े वर्ग को प्रभावित करने लगी है, जो होटल और संबंधित सेवाओं पर निर्भर हैं।

मुख्यमंत्री ने वाणिज्यिक एलपीजी वितरण के लिए निगरानी तंत्र की कमी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जहां घरेलू एलपीजी आपूर्ति को ट्रैक करने के लिए आईटी आधारित प्रणाली मौजूद है, वहीं वाणिज्यिक एलपीजी के आवंटन और वितरण की निगरानी के लिए कोई एकीकृत प्लेटफॉर्म नहीं है, जिससे असमानताएं और अक्षमताएं पैदा हो रही हैं।

उन्होंने बताया कि ऑटो एलपीजी, जो बेंगलुरु में अंतिम मील कनेक्टिविटी प्रदान करने वाले ऑटो-रिक्शाओं के लिए एक प्रमुख ईंधन है, भी इसी तरह की समस्याओं का सामना कर रहा है। ऑटो एलपीजी वितरण के लिए निगरानी प्रणाली की कमी के कारण पारदर्शिता और जवाबदेही प्रभावित हो रही है, जिससे कई ड्राइवरों की आजीविका पर असर पड़ रहा है।

उन्होंने भारत में जल्द ही दो एलपीजी टैंकर आने की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उम्मीद जताई कि अतिरिक्त आपूर्ति से इस संकट को कम करने में मदद मिलेगी।

सिद्धारमैया ने केंद्रीय मंत्री से कर्नाटक, विशेषकर बेंगलुरु की उच्च निर्भरता को ध्यान में रखते हुए वाणिज्यिक एलपीजी और ऑटो एलपीजी की पर्याप्त आवंटन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्र से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की ताकि आपूर्ति संबंधी बाधाओं को दूर किया जा सके और राज्य में वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं और परिवहन सेवाओं के लिए उपलब्धता स्थिर हो सके।

कर्नाटक के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के.एच. मुनियप्पा ने बुधवार को विधान परिषद को बताया था कि राज्य में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी है। उन्होंने होटल मालिकों व अन्य वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं से एक सप्ताह तक सहयोग करने का आग्रह किया था, जब तक नई आपूर्ति नहीं पहुंच जाती।

मंत्री ने कहा कि फिलहाल प्रतिबंधों और आपूर्ति संबंधी समस्याओं के कारण होटल, रेस्तरां, उद्योगों और ढाबों को सीमित संख्या में ही वाणिज्यिक रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

मुनियप्पा ने बताया कि राज्य में प्रतिदिन लगभग 40,000 वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता है लेकिन वर्तमान में करीब 1,000 सिलेंडर ही होटल्स को आपूर्ति किए जा पा रहे हैं। उन्होंने हितधारकों से एक सप्ताह प्रतीक्षा करने का आग्रह किया और उम्मीद जताई कि एलपीजी लेकर आने वाले जहाजों के देश में पहुंचने के बाद स्थिति में सुधार होगा।

उन्होंने कहा, “ईरान में 16 जहाज कतार में हैं। यदि वे पहुंचते हैं, तो समस्या का समाधान हो जाएगा। केंद्र सरकार ईरान से बातचीत कर रही है और इस मुद्दे को सुलझाने के प्रयास कर रही है। यदि एक सप्ताह तक स्थिति को संभाल लिया जाए, तो सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी।”

–आईएएनएस

पीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.