सीएम ममता ने कांग्रेस पर एसआईआर-विरोधी प्रदर्शन का समर्थन न करने का आरोप लगाया

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कोलकाता, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने राज्य और पूरे देश में मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन संशोधन’ (एसआईआर) के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस के आंदोलन को समर्थन देने की उनकी अपील पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने एसआईआर के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया और न ही वोटर लिस्ट में सुधार की प्रक्रिया के दौरान वोटरों को कोई मदद दी। मुख्यमंत्री ने मुर्शिदाबाद जिले के नबग्राम में एक चुनावी रैली में कहा, “मैंने उनसे कई बार कहा कि वे एसआईआर…

कोलकाता, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने राज्य और पूरे देश में मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन संशोधन’ (एसआईआर) के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस के आंदोलन को समर्थन देने की उनकी अपील पर कोई जवाब नहीं दिया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने एसआईआर के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया और न ही वोटर लिस्ट में सुधार की प्रक्रिया के दौरान वोटरों को कोई मदद दी।

मुख्यमंत्री ने मुर्शिदाबाद जिले के नबग्राम में एक चुनावी रैली में कहा, “मैंने उनसे कई बार कहा कि वे एसआईआर के खिलाफ मिलकर कदम उठाएं और मिलकर भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) से संपर्क करें। लेकिन उन्होंने हमारी अपील नहीं मानी। जब वोटर लिस्ट में सुधार का काम चल रहा था, तब उन्हें लोगों की कोई परवाह नहीं थी। वोटर लिस्ट में सुधार के काम के दौरान सिर्फ तृणमूल कांग्रेस के बूथ-स्तर के एजेंट ही वोटरों के साथ खड़े रहे।”

रैली में बोलते हुए, मुख्यमंत्री ने भारत के चुनाव आयोग पर यह भी आरोप लगाया कि वह दक्षिण कोलकाता में उनके विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर को खास तौर पर निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा, “भवानीपुर में वोटर लिस्ट से बहुत ज़्यादा संख्या में वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं। लेकिन फिर भी मैं लड़ूंगी और आखिर में जीत मेरी ही होगी।”

उनके अनुसार, ईसीआई ने वोटर लिस्ट में सुधार की प्रक्रिया के दौरान अल्पसंख्यक, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के वोटरों को निशाना बनाया था। उन्होंने आगे कहा, “ऐसे कई हिंदू वोटर भी हैं जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं।”

बिना सीधे नाम लिए, बनर्जी ने आम आदमी उन्नयन पार्टी (एएयूपी) पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा। इस पार्टी की स्थापना तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर ने की थी। इसके अलावा उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पर भी निशाना साधा। ये दोनों पार्टियां मिलकर कई विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं, खासकर उन सीटों पर जहां अल्पसंख्यकों की आबादी ज्यादा है।

उन्होंने कहा, “कुछ लोग सांप्रदायिक भावना भड़काने वाले बयान देकर वोटों को बांटने की कोशिश करेंगे। एक भी वोट बंटने मत देना। यह भाजपा का खेल है। वे कुछ लोगों को पैसे देकर खरीद लेते हैं। वे चुनाव से ठीक पहले नकद पैसे देते हैं।”

उन्होंने यह आशंका भी जताई कि मतदान से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं को गिरफ्तार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा, “शायद इसलिए ईसीआई ने राज्य में पुलिस प्रशासन की पूरी व्यवस्था को ऊपर से नीचे तक बदल दिया है। लेकिन इसके बाद भी तृणमूल कांग्रेस झुकने वाली नहीं है। हमें लड़ना आता है।”

–आईएएनएस

एससीएच

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