शिलांग, 29 जून (आईएएनएस)। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने सोमवार को जयंतिया हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (जेएचएडीसी) और गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (जीएचएडीसी) में किए जा रहे सुधारों की समीक्षा की। इन सुधारों का मकसद संस्थागत और प्रशासनिक बदलावों के जरिए ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल्स (एडीसी) के कामकाज को मजबूत करना है।
समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में दोनों परिषदों से आग्रह किया था कि वे अपने सिस्टम को आधुनिक बनाने और गवर्नेंस व पब्लिक सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाने के लिए कई अहम सुधार लागू करने में सरकार के साथ मिलकर काम करें।
संगमा ने इस बात पर खुशी जताई कि जेएचएडीसी और जीएचएडीसी दोनों ने सरकार के प्रस्तावों को मान लिया है और सुधार की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है।
उन्होंने कहा कि सुधार एजेंडा का फोकस सर्विस नियमों को मजबूत करने, फाइनेंशियल मैनेजमेंट को बेहतर बनाने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने और परिषदों में डिजिटाइजेशन को तेज करने पर होगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन उपायों का मकसद ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के कामकाज में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि गवर्नेंस और अधिक नागरिक-केंद्रित हो।
संगमा ने कहा, “सुधारों से प्रशासनिक प्रक्रियाएं आसान होंगी और पब्लिक सर्विस तक पहुंच बेहतर होगी। नागरिकों को भी आसान और डिजिटाइज्ड सिस्टम के जरिए टैक्स और अन्य फीस का भुगतान करने में आसानी होगी।”
उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी को अपनाने और बेहतर गवर्नेंस प्रैक्टिस से परिषदें अधिक प्रभावी ढंग से काम कर पाएंगी और साथ ही अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले आदिवासी इलाकों के निवासियों के लिए अधिक सुविधा सुनिश्चित कर पाएंगी।
मुख्यमंत्री ने सुधार के उपायों को लागू करने और मजबूत संस्थागत क्षमताएं बनाने में ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल को हर जरूरी मदद देने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने भरोसा जताया कि चल रहे सुधारों से परिषदों के कामकाज में काफी सुधार होगा और मेघालय के लोगों तक सर्विस डिलीवरी बेहतर होगी।
मेघालय में ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल को संविधान की छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक शक्तियां प्राप्त हैं और वे आदिवासी इलाकों के प्रशासन में अहम भूमिका निभाती हैं, जिसमें जमीन, पारंपरिक कानूनों, स्थानीय गवर्नेंस और रिसोर्स मैनेजमेंट से जुड़े मामले शामिल हैं।
राज्य सरकार पारदर्शिता, दक्षता और पब्लिक सर्विस तक आसान पहुंच को बेहतर बनाने के लिए सभी विभागों में संस्थागत सुधारों और डिजिटल गवर्नेंस पर जोर दे रही है।
–आईएएनएस
एससीएच/डीकेपी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



