तेलंगाना को विश्व का प्रवेश द्वार बनाना मेरा सपनाः मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी

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हैदराबाद, 2 जून (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि उनका सपना राज्य को न केवल देश के लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित करना है और इस दृष्टिकोण को प्राप्त करने का रोडमैप ‘तेलंगाना राइजिंग – 2047’ दस्तावेज में उल्लिखित है। परेड ग्राउंड में तेलंगाना स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “जनता की सरकार” का दृढ़ संकल्प है कि तेलंगाना 2034 तक एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था और 2047 तक तीन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनकर उभरे। मुख्यमंत्री ने कहा कि…

हैदराबाद, 2 जून (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि उनका सपना राज्य को न केवल देश के लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित करना है और इस दृष्टिकोण को प्राप्त करने का रोडमैप ‘तेलंगाना राइजिंग – 2047’ दस्तावेज में उल्लिखित है।

परेड ग्राउंड में तेलंगाना स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “जनता की सरकार” का दृढ़ संकल्प है कि तेलंगाना 2034 तक एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था और 2047 तक तीन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनकर उभरे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार, पूरे राज्य को समाहित करने वाली ऐसा कोई एकल मास्टर प्लान देश में कहीं और मौजूद नहीं है। तेलंगाना राइजिंग – 2047 विजन डॉक्यूमेंट ने राज्य को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया है- इलाज, शुद्ध और दुर्लभ (क्योर, प्योर और रेयर)।

उन्होंने कहा, “हम विकास के लिए त्रिस्तरीय रणनीति अपना रहे हैं। हमने ग्रेटर हैदराबाद के आसपास स्थित आउटर रिंग रोड के भीतर के क्षेत्र को ‘इलाज’ क्षेत्र के रूप में नामित किया है। हम इस क्षेत्र को विश्व स्तरीय सेवा केंद्र में परिवर्तित कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को आउटर रिंग रोड से परे स्थित क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की सुविधा के लिए एचआईएलटी नीति शुरू की है। इसके अलावा, सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाने को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है। हम इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आजीवन कर के अलावा पंजीकरण शुल्क और सड़क कर में छूट प्रदान कर रहे हैं।”

सरकार आउटर रिंग रोड की तर्ज पर रीजनल रिंग रोड का निर्माण कर रही है। इन दोनों रिंग रोड के बीच स्थित प्योर (पेरी-अर्बन रीजन इकोनॉमी) जोन को बुनियादी ढांचे और विनिर्माण के एक जीवंत केंद्र में बदलने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा, “हम 30,000 एकड़ में ‘भारत फ्यूचर सिटी’ – एक ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी विकसित कर रहे हैं। शमशाबाद को बुलेट ट्रेन हब के रूप में विकसित करके क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा कि आरएआरई तेलंगाना के डीएनए का मूल आधार होगा। “कृषि और कृषि आधारित उद्योग इस जोन के अंतर्गत आते हैं। यह क्षेत्र रीजनल रिंग रोड से लेकर तेलंगाना की सीमा तक फैला हुआ है। सिंचाई, कृषि-उद्योगों के विकास, कृषि अनुसंधान, फसल विविधीकरण और इसी तरह के अन्य पहलुओं से संबंधित पहलों को इस जोन में स्थापित उद्योगों और अनुसंधान केंद्रों के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।

राज्य सरकार विकास और कल्याण को समान प्राथमिकता दे रही है और दावा किया कि तेलंगाना एकमात्र ऐसा राज्य है जो अनेक कल्याणकारी योजनाओं को लागू कर रहा है और देश में एक आदर्श के रूप में खड़ा है।

रेवंत रेड्डी ने कहा, “पिछले ढाई वर्षों से हम किसानों, युवाओं और महिलाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और उच्च जातियों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सामाजिक न्याय और समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न नीतिगत निर्णय लेते हुए और कार्य योजनाओं को लागू करते हुए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 दिसंबर, 2023 को सत्ता संभालने के बाद से ही “जनता की सरकार” अदम्य भावना के साथ अथक परिश्रम कर रही है। हमारा अंतिम लक्ष्य तेलंगाना की जनता का कल्याण और राज्य का विकास है। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता गरीबी उन्मूलन है।

उन्होंने बताया कि नीति दस्तावेज ‘तेलंगाना राइजिंग -2047’ में कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिसका उद्देश्य तेलंगाना को कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनाना, कृषि आधारित उद्योगों और संबद्ध क्षेत्रों का विकास करना और किसानों के जीवन में परिवर्तनकारी बदलाव लाना है।

2025-26 के अनुमानों के अनुसार, तेलंगाना ने खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड 236.87 लाख टन का आंकड़ा पार किया। सरकार द्वारा किसानों को दिए गए प्रोत्साहनों से धान, मक्का और कपास के उत्पादन में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त हुए। इसके अलावा, पशुधन और मत्स्य पालन क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने किसानों से फसल उत्पादन में विविधता लाने का आग्रह किया, जिससे तेलंगाना को विविधतापूर्ण और प्रचुर फसल वाला राज्य बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में कृषि और किसान कल्याण पर 1,56,496 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। राज्य सरकार किसानों से सीधे फसलें खरीद रही है और इसके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का भुगतान कर रही है ताकि किसान बिचौलियों के चंगुल में न पड़ें और उनका शोषण न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा, “वित्तीय बोझ के बावजूद, हम किसानों की उपज का एक-एक दाना खरीद रहे हैं। दिसंबर 2023 में सत्ता संभालने के बाद से सरकार ने खरीद पर 82,840 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस रबी सीजन में, राज्य भर में 8,575 खरीद केंद्रों के माध्यम से धान की खरीद सक्रिय रूप से की जा रही है। अब तक, हमने 63.65 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है और 11,903 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में जमा किए हैं। हमने बेमौसम बारिश से फसल खराब होने वाले क्षेत्रों में किसानों को नुकसान से बचाने के लिए लगभग 10,000 मीट्रिक टन गीला धान भी खरीदा है।”

उन्होंने आगे कहा “आज देश में कोई भी राज्य धान की खरीद में तेलंगाना से प्रतिस्पर्धा करने की स्थिति में नहीं है। मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि यासांगी (रबी) सीजन के दौरान देश भर में खरीदे गए कुल धान में तेलंगाना का हिस्सा 60 प्रतिशत है।”

–आईएएनएस

ओपी/एएस

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