तिरुवनंतपुरम, 4 जून (आईएएनएस)। कन्नूर के पूर्व एडीएम नवीन बाबू की मौत से जुड़ा मामला, जिसने केरल में एक राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था, आखिरकार सीबीआई को सौंप दिया गया है।
यह फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया गया, जिसमें नवीन बाबू के परिवार की लंबे समय से चली आ रही मांग को मान लिया गया। परिवार ने पुलिस की चल रही जांच पर अविश्वास जताया था।
कैबिनेट ने यह भी फैसला किया कि नवीन बाबू की बेटी निरंजना को ‘आश्रित नियुक्ति योजना’ के तहत सरकारी नौकरी दी जाएगी।
सीबीआई जांच की सिफारिश करने का यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि नई सरकार के सत्ता में आने के बाद यह ऐसा पहला मामला है। पिछली सरकार ने सीबीआई को राज्य में सीधे मामले अपने हाथ में लेने के लिए दी गई आम सहमति वापस ले ली थी, इसलिए केंद्रीय एजेंसी के दखल के लिए राज्य सरकार की ओर से एक खास सिफारिश की जरूरत थी।
इस कदम से सीपीआई(एम) के नेतृत्व के बैकफ़ुट पर आने की उम्मीद है। विपक्ष शायद अपने आरोपों को और तेज करेगा कि पिछली सरकार ने सीपीआई(एम) नेता और कन्नूर जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष पी.पी. दिव्या को बचाने की कोशिश की थी। दिव्या ही अब तक जमा की गई चार्जशीट में नामजद एकमात्र आरोपी हैं।
नवीन बाबू के परिवार ने शुरू से ही स्थानीय पुलिस और विशेष जांच दल की जांच पर गंभीर आपत्तियां उठाई थीं।
परिवार ने आरोप लगाया कि जांच में उनकी मौत के पीछे के असली हालात सामने नहीं आ पाए और उन्होंने किसी केंद्रीय एजेंसी से जांच करवाने की मांग की।
परिवार का कहना था, “सिर्फ सीबीआई जांच ही सच सामने ला सकती है और नवीन बाबू को इंसाफ दिला सकती है।” नवीन बाबू 15 अक्टूबर 2024 को कन्नूर के पल्लीकुन्नू स्थित अपने सरकारी आवास पर फंदे से लटके पाए गए थे।
यह दुखद घटना कन्नूर कलेक्ट्रेट में उनके विदाई समारोह के ठीक एक दिन बाद हुई। इस समारोह में पी.पी. दिव्या, जो उस समय जिला पंचायत अध्यक्ष थीं, बिना किसी न्योते के पहुंच गईं और उन्होंने सबके सामने नवीन बाबू की आलोचना की।
दिव्या ने एक पेट्रोल पंप के लिए एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी करने के मामले में नवीन बाबू पर आरोप लगाए थे।
विदाई समारोह के वीडियो और तस्वीरें बड़े पैमाने पर फैलने के बाद, बताया जाता है कि नवीन बाबू कलेक्ट्रेट से बेहद दुखी होकर निकल गए थे; उन्होंने उन्हें दिए गए तोहफे भी स्वीकार नहीं किए थे।
उन्होंने ‘मालाबार एक्सप्रेस’ में टिकट बुक करवाया था, जिसे रात 8:55 बजे कन्नूर से रवाना होना था।
अगले दिन सुबह चेंगन्नूर पहुंचे उनके रिश्तेदारों ने अधिकारियों को बताया कि नवीन बाबू ट्रेन में नहीं थे।
बाद में उनके ड्राइवर ने उन्हें उनके घर पर मृत पाया।
इस घटना के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जिसके चलते पी.पी. दिव्या को जिला पंचायत अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देना पड़ा। बाद में, इस मामले के सिलसिले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
अब सीबीआई जांच में यह देखा जाएगा कि क्या दिव्या को विदाई समारोह में लाने में कोई और भी शामिल था, नवीन बाबू पर लगे आरोपों से जुड़े हालात क्या थे, और पेट्रोल पंप विवाद से जुड़े संभावित तार कहां तक फैले हैं।
हालांकि, नवीन बाबू की बेटी को आश्रित कोटे से नौकरी देने के फैसले से सरकार को पीड़ित परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति जताने में मदद मिली है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि क्या जांच में इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की पहचान हो पाएगी और क्या उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सकेगा।
–आईएएनएस
एससीएच
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