टेलीग्राम के जरिए आपत्तिजनक सामग्री बेचने वाले रैकेट का खुलासा, नवी मुंबई का युवक गिरफ्तार

Summary :

मुंबई, 4 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र साइबर विभाग (महा साइबर) ने नवी मुंबई के एक युवक को टेलीग्राम के जरिए बाल यौन शोषण और उत्पीड़न सामग्री (सीएसईएएम) की बिक्री और प्रसार के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आदिराज राजेंद्र बैत के रूप में हुई है। महाराष्ट्र साइबर विभाग ने तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर उसकी भूमिका सामने आने के बाद उसे नवी मुंबई के एनआरआई पुलिस स्टेशन को सौंप दिया। अधिकारियों के अनुसार, सीएसईएएम में ऐसी किसी भी प्रकार की दृश्य सामग्री शामिल होती है, जिसमें नाबालिगों को यौन गतिविधियों में दिखाया गया हो। इसमें…

मुंबई, 4 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र साइबर विभाग (महा साइबर) ने नवी मुंबई के एक युवक को टेलीग्राम के जरिए बाल यौन शोषण और उत्पीड़न सामग्री (सीएसईएएम) की बिक्री और प्रसार के आरोप में गिरफ्तार किया है।

आरोपी की पहचान आदिराज राजेंद्र बैत के रूप में हुई है। महाराष्ट्र साइबर विभाग ने तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर उसकी भूमिका सामने आने के बाद उसे नवी मुंबई के एनआरआई पुलिस स्टेशन को सौंप दिया।

अधिकारियों के अनुसार, सीएसईएएम में ऐसी किसी भी प्रकार की दृश्य सामग्री शामिल होती है, जिसमें नाबालिगों को यौन गतिविधियों में दिखाया गया हो। इसमें फोटो, वीडियो, लाइव स्ट्रीमिंग और यहां तक कि एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार की गई तस्वीरें भी शामिल हैं।

महाराष्ट्र साइबर टीम को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार की जानकारी मिली थी। इसके बाद तकनीकी उपकरणों की मदद से जांच शुरू की गई और यह पुष्टि हुई कि गतिविधियां महाराष्ट्र से संचालित हो रही थीं।

जांच के दौरान अधिकारियों ने एक यूपीआई आईडी और ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (ओएसआईएनटी) से मिले इनपुट्स का गहन विश्लेषण किया। इसके बाद आरोपी आदिराज बैत को पूछताछ के लिए बुलाया गया।

पूछताछ के दौरान उसका मोबाइल फोन जब्त कर डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई गई। फॉरेंसिक विश्लेषण में खुलासा हुआ कि आरोपी के मोबाइल में बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री संग्रहित थी, जिसे बेचने और आगे प्रसारित करने की तैयारी की जा रही थी।

जांच में मिले सबूतों के आधार पर महाराष्ट्र साइबर विभाग ने उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया और आगे की कार्रवाई के लिए उसे नवी मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया।

वर्ष 2016 में स्थापित महाराष्ट्र राज्य साइबर विभाग का अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) कार्यालय राज्य में साइबर अपराधों से जुड़े मामलों की नोडल एजेंसी है। विभाग लगातार डार्क नेट और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की निगरानी करता है, ताकि विशेष रूप से बच्चों के शोषण से जुड़े साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

महाराष्ट्र साइबर ने विभाग ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप, डार्क वेब या किसी भी डिजिटल माध्यम के जरिए ऐसे अपराधों में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

–आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.