सामाजिक कार्यकर्ता ने जान से मारने की धमकी को लेकर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई

Summary :

कोलकाता, 24 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। राजीव सरकार ने अपनी शिकायत में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी से अपनी जान को खतरा बताया है। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस थाने में दर्ज कराई गई एक शिकायत में शिकायतकर्ता ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी से अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि हेट स्पीच (घृणा फैलाने वाले भाषण) के मामले में अभिषेक…

कोलकाता, 24 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। राजीव सरकार ने अपनी शिकायत में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी से अपनी जान को खतरा बताया है।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस थाने में दर्ज कराई गई एक शिकायत में शिकायतकर्ता ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी से अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि हेट स्पीच (घृणा फैलाने वाले भाषण) के मामले में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ सबसे पहले शिकायत दर्ज कराने के कारण वह उनके निशाने पर हैं।

शिकायतकर्ता सरकार हेट स्पीच मामले में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ सबसे पहले शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति हैं। डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी पर हिंसा भड़काने वाले बयान देने और हालिया विधानसभा चुनाव से पहले एक चुनावी रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित तौर पर धमकी देने का आरोप है।

इस मामले में सीआईडी के अधिकारी अभिषेक बनर्जी से पहले ही दो बार पूछताछ कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्हें उत्तर 24 परगना जिले की बिधाननगर अदालत में अपना वॉयस सैंपल भी देना पड़ा था।

हाल ही में दक्षिण 24 परगना जिले के अमताला स्थित तृणमूल कांग्रेस के एक पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने इस मुद्दे पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।

शिकायतकर्ता सरकार ने कहा, “वहां भी उन्होंने कथित तौर पर धमकी भरे लहजे में बात की। हेट स्पीच के बारे में पहली शिकायत दर्ज कराने की वजह से मैं उनका ‘निशाना’ बन गया। मुझे डर है कि अब या तो वह मुझे किसी झूठे केस में फंसा देंगे या मेरी हत्या करवा देंगे।”

सरकार ने अपनी बात के समर्थन में हाल ही में बागी हुए तृणमूल कांग्रेस विधायक मदन मित्रा के एक फेसबुक लाइव वीडियो मैसेज का भी जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने डायमंड हार्बर के सांसद पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।

सरकार ने कहा, “सीनियर पॉलिटिकल लीडर मदन मित्रा की बातों से भी यह साफ है कि मेरी जान को खतरा है। उन्होंने एक फेसबुक लाइव में कहा कि उन्हें 27 महीने जेल में बिताने पड़े, क्योंकि अभिषेक बनर्जी की गंभीर अपराध करने की आदत है। मित्रा के बयान साबित करते हैं कि मेरी आशंकाएं कितनी सही हैं।”

अभिषेक बनर्जी पहले ही मित्रा को सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों के लिए 10 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेज चुके हैं।

–आईएएनएस

ओपी/एएस

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.