जयपुर: राजस्थान यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम को लेकर विवाद, एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प

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जयपुर, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को एक प्रस्तावित सेमिनार को लेकर विवाद बढ़ गया, जिसके चलते एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि यह कार्यक्रम आरएसएस विचारधारा को बढ़ावा देने से जुड़ा है। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश करने लगे। ह्यूमैनिटीज ऑडिटोरियम में ‘मरुधरा नारी संगठन’ के बैनर तले आयोजित सेमिनार के विरोध में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, जिससे पुलिस के साथ उनकी धक्का-मुक्की…

जयपुर, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को एक प्रस्तावित सेमिनार को लेकर विवाद बढ़ गया, जिसके चलते एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि यह कार्यक्रम आरएसएस विचारधारा को बढ़ावा देने से जुड़ा है।

स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश करने लगे। ह्यूमैनिटीज ऑडिटोरियम में ‘मरुधरा नारी संगठन’ के बैनर तले आयोजित सेमिनार के विरोध में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, जिससे पुलिस के साथ उनकी धक्का-मुक्की हो गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट को सील कर दिया गया और भारी पुलिस बल के साथ दंगा नियंत्रण वाहन तैनात किए गए।

इसके बावजूद एनएसयूआई कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे, जिससे सुरक्षा कर्मियों के साथ उनकी झड़प हो गई। एनएसयूआई ने कार्यक्रम को तुरंत रद्द करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर सेमिनार हुआ तो विरोध और तेज किया जाएगा तथा बहिष्कार किया जाएगा।

एनएसयूआई नेता अमरदीप परिहार ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के लिए तटस्थ स्थान होने चाहिए और ऐसे कार्यक्रम शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करते हैं।

वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने सेमिनार का समर्थन करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण पर केंद्रित है। एबीवीपी ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित विरोध बताया और कहा कि विभिन्न विचारधाराओं के कार्यक्रम लोकतंत्र का हिस्सा हैं।

यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा ने स्पष्ट किया कि ऑडिटोरियम एक महिला संगठन को किराए पर दिया गया था और कार्यक्रम के आरएसएस से जुड़े होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

इस बीच, नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली ने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में आरएसएस की विचारधारा थोपने की कोशिशें हो रही हैं और राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र को नुकसान पहुंचा रही है।

दोनों छात्र संगठनों के आमने-सामने आने के कारण कैंपस में फिलहाल भारी सुरक्षा व्यवस्था बनी हुई है।

–आईएएनएस

डीएससी

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