चंडीगढ़, 12 मई (आईएएनएस)। पंजाब सरकार ने मंगलवार को अग्निपथ योजना के तहत अपना कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की नौकरियों में पुनर्वासित करने के लिए आरक्षण नीति बनाने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ देने के तौर-तरीकों और ढांचे को अंतिम रूप देने के लिए सिविल और पुलिस अधिकारियों वाली एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।
मुख्यमंत्री के हवाले से एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री मान ने अग्निवीरों को आरक्षण देने के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति दी और कहा कि नीतिगत ढांचे को समयबद्ध तरीके से अंतिम रूप दिया जाना चाहिए ताकि ये प्रशिक्षित और अनुशासित युवा राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास का अभिन्न अंग बन सकें।
आरक्षण नीति की बुनियादी रूपरेखा को व्यापक रूप से तैयार करने की आवश्यकता है ताकि देश की सेवा करके लौटे अग्निवीरों का सार्थक पुनर्वास हो सके और उनके कौशल का उपयोग पंजाब की प्रगति के लिए किया जा सके।
गठित समिति विभिन्न विभागों में अग्निवीरों के आरक्षण और भर्ती के लिए सिफारिशें तैयार करेगी और तौर-तरीकों को अंतिम रूप देगी।
अग्निवीरों की क्षमताओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उनकी सेवाओं का प्रभावी उपयोग पंजाब पुलिस, वन रक्षक, अग्निशमन सेवा, जेल, होम गार्ड, पंजाब पूर्व सैनिक निगम और सरकार के कई अन्य विभागों में किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अग्निवीरों के लिए आरक्षण और चयन संबंधी मानदंडों को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाना चाहिए ताकि इन उच्च कुशल और अनुशासित युवाओं की सेवाओं का सर्वोत्तम उपयोग किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा में हमेशा ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
–आईएएनएस
एमएस/
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



