‘हैदराबाद मेट्रो मुद्दे पर रेवंत रेड्डी और किशन रेड्डी कर रहे राजनीतिक नाटक’, केटीआर का आरोप

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हैदराबाद, 23 जून (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने मंगलवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी हैदराबाद मेट्रो रेल मुद्दे पर राजनीतिक नाटक कर रहे हैं और करीब 30,000 करोड़ रुपए की मेट्रो संपत्तियों से जुड़े कथित घोटाले को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। सेरिलिंगमपल्ली में बीआरएस कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए केटीआर ने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी लगभग 250 एकड़ मूल्यवान मेट्रो रेल से जुड़ी जमीन और 30,000 करोड़ रुपए की संपत्तियां अपने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और करीबी लोगों को सौंपना…

हैदराबाद, 23 जून (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने मंगलवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी हैदराबाद मेट्रो रेल मुद्दे पर राजनीतिक नाटक कर रहे हैं और करीब 30,000 करोड़ रुपए की मेट्रो संपत्तियों से जुड़े कथित घोटाले को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।

सेरिलिंगमपल्ली में बीआरएस कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए केटीआर ने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी लगभग 250 एकड़ मूल्यवान मेट्रो रेल से जुड़ी जमीन और 30,000 करोड़ रुपए की संपत्तियां अपने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और करीबी लोगों को सौंपना चाहते हैं।

उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने एल एन्ड टी मेट्रो रेल हैदराबाद के अधिकारियों पर दबाव बनाया और उन्हें राज्य से बाहर जाने के लिए मजबूर किया, ताकि इन संपत्तियों पर कब्जा किया जा सके।

केटीआर ने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी मेट्रो रेल की करीब 14,000 करोड़ रुपए की देनदारी तेलंगाना की जनता पर डालना चाहते हैं, ताकि मेट्रो की संपत्तियों पर नियंत्रण हासिल किया जा सके। उनका कहना था कि राज्य सरकार निजी कंपनी की देनदारियां अपने ऊपर लेने को तैयार है, जिससे मेट्रो परियोजना आर्थिक संकट में फंस सकती है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का मेट्रो परियोजना को लेकर अचानक दिखाया जा रहा चिंता का भाव वास्तव में एक बड़े वित्तीय घोटाले को छिपाने का प्रयास है। केटीआर ने दावा किया कि बीआरएस ने पहले भी कांग्रेस सरकार के कथित घोटालों का खुलासा किया है और अब एक नए बड़े घोटाले को लेकर जनता को आगाह कर रही है।

उन्होंने कहा कि समय आने पर तेलंगाना की जनता को पता चल जाएगा कि 30,000 करोड़ रुपए की मेट्रो से जुड़ी जमीनों की खरीद-बिक्री कौन कर रहा है और ये संपत्तियां आखिरकार रेवंत रेड्डी के परिवार तक कैसे पहुंचती हैं।

केटीआर ने भाजपा और कांग्रेस दोनों सरकारों की नीयत पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में तेलंगाना के विकास के प्रति गंभीर है, तो उसने पिछली बीआरएस सरकार द्वारा प्रस्तावित लकड़ीकापुल से पटानचेरु तक मेट्रो विस्तार को मंजूरी क्यों नहीं दी।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के कई छोटे शहरों में मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी दी, लेकिन तेलंगाना को समान समर्थन नहीं मिला।

बीआरएस नेता ने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी और किशन रेड्डी हैदराबाद में एक-दूसरे के विरोधी होने का दिखावा करते हैं, लेकिन नई दिल्ली में दोनों मिलकर काम करते हैं और जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने कहा कि जनता को याद रहेगा कि रेवंत रेड्डी ने एयरपोर्ट मेट्रो परियोजना को रद्द कर दिया, जबकि किशन रेड्डी केंद्र से मेट्रो विस्तार की मंजूरी नहीं दिला सके।

केटीआर ने कहा कि पिछली बीआरएस सरकार ने वित्तीय जिले से हवाई अड्डे तक हैदराबाद एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस परियोजना शुरू की थी, जिसमें बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं थी। अगर यह परियोजना जारी रहती तो अब तक पूरी हो चुकी होती और लाखों यात्रियों को यातायात जाम से राहत मिलती।

उनका आरोप है कि रेवंत रेड्डी के मुख्यमंत्री बनने के बाद विकास संबंधी दृष्टि और प्राथमिकताओं की कमी के कारण इस परियोजना को बंद कर दिया गया।

केटीआर ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार ने हैदराबाद मेट्रो रेल परियोजना शुरू तो की थी, लेकिन बाद में उसे अधूरा छोड़ दिया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने परियोजना का 70 प्रतिशत से अधिक काम पूरा कराया और उसे जनता के उपयोग के लिए शुरू किया।

–आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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