हैदराबाद, 11 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोमवार को पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भागीरथ के खिलाफ दर्ज पॉक्सो एक्ट के मामले में तत्काल जांच शुरू करने का निर्देश दिया।
सीएम रेवंत रेड्डी ने डीजीपी को बंदी भागीरथ द्वारा एक नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले की व्यापक जांच के लिए विशेष दल गठित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने डीजीपी से सवाल किया कि 8 मई को पेट बशीरबाद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हुई।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद डीजीपी ने कथित तौर पर मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, डीजीपी आनंद ने मुख्यमंत्री को मामले की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सीएम को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हैदराबाद दौरे के मद्देनजर संपूर्ण पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था में लगा हुआ था।
इसी बीच तेलंगाना राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (टीएससीपीसीआर) ने मामले की सुनवाई के लिए एक स्पेशल बेंच का गठन किया है।
टीजीएससीपीआरसी की चेयरपर्सन कोथाकोटा सीता दयाकर रेड्डी ने शहर के पुलिस आयुक्त से जानकारी प्राप्त की और मामले की जांच करने के लिए एक स्पेशल बेंच का गठन किया।
टीएससीपीसीआर की यह कार्रवाई और मुख्यमंत्री द्वारा डीजीपी को दिए गए निर्देश विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) द्वारा बंदी संजय के बेटे के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच आए हैं।
बंदी भागीरथ के खिलाफ 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न के आरोप में पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
लड़की की मां ने आरोप लगाया कि भागीरथ पिछले छह महीनों से उनकी बेटी को परेशान कर रहा था। उस पर यह भी आरोप है कि उसने मोइनाबाद के एक फार्महाउस में भी उसके साथ दुर्व्यवहार किया।
उनकी शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा 11 और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
25 वर्षीय भागीरथ ने इससे पहले करीमनगर द्वितीय टाउन पुलिस स्टेशन में लड़की और उसके माता-पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि उन्होंने उसे हनी ट्रैप करने की कोशिश की और उसके खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज न करने के लिए 5 करोड़ रुपए की मांग की।
उनकी शिकायत पर लड़की और उसके माता-पिता के खिलाफ जबरन वसूली, आपराधिक धमकी, आपराधिक साजिश और सामान्य इरादे के लिए बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
बंदी संजय ने अपने बेटे के खिलाफ लगे आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
–आईएएनएस
डीकेपी/
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