जमीन विवाद के मामले में ईडी के सामने पेश हुए तेलंगाना के आईएएस अधिकारी

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हैदराबाद, 25 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमॉय कुमार सोमवार को सरकारी/बोधन जमीन के कथित हस्तांतरण से जुड़े एक मामले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुए। आईएएस अधिकारी यहां एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय में ईडी अधिकारियों के सामने पेश हुए। ईडी महेश्वरम पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के आधार पर उनसे पूछताछ कर रही है। केंद्रीय एजेंसी जमीन सौदे में मनी लॉन्ड्रिंग के संभावित पहलू की जांच कर रही है। ईडी ने तेलंगाना पुलिस द्वारा निजी व्यक्तियों और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ सरकारी जमीन की अवैध बिक्री के संबंध में दर्ज एफआईआर के आधार…

हैदराबाद, 25 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमॉय कुमार सोमवार को सरकारी/बोधन जमीन के कथित हस्तांतरण से जुड़े एक मामले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुए।

आईएएस अधिकारी यहां एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय में ईडी अधिकारियों के सामने पेश हुए। ईडी महेश्वरम पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के आधार पर उनसे पूछताछ कर रही है। केंद्रीय एजेंसी जमीन सौदे में मनी लॉन्ड्रिंग के संभावित पहलू की जांच कर रही है।

ईडी ने तेलंगाना पुलिस द्वारा निजी व्यक्तियों और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ सरकारी जमीन की अवैध बिक्री के संबंध में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी, जिसमें दस्तावेजों की जालसाजी और सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर शामिल था। आरोप हैं कि 42 एकड़ सरकारी/बोधन जमीन कुछ निजी व्यक्तियों को हस्तांतरित कर दी गई थी।

ईडी ने इससे पहले अक्टूबर 2024 में अमॉय कुमार से पूछताछ की थी। वर्तमान में पशुपालन और डेयरी विकास विभाग में तैनात अमॉय कुमार ने इससे पहले रंगारेड्डी और मेडचल मलकाजगिरी जिलों के जिला कलेक्टर के रूप में कार्य किया था।

हालांकि एफआईआर में अमॉय कुमार को आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया था लेकिन धरणी पोर्टल के उपयोग और प्रतिबंधित श्रेणियों के तहत संपत्तियों के पंजीकरण के संबंध में उनकी भूमिका जांच के दायरे में आ गई।

मार्च 2023 में एक दस्तगीर शरीफ ने अदालत में एक निजी शिकायत दायर की थी कि कुछ व्यक्तियों ने कथित तौर पर राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से धोखाधड़ी करके उत्तराधिकार अधिकार प्राप्त किए, राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव किया और रंगारेड्डी जिले के महेश्वरम मंडल के नागरम गांव में 42.33 एकड़ जमीन के लिए अवैध पासबुक जारी की।

अदालत के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। एफआईआर में मंडल राजस्व अधिकारी (एमआरओ) आरपी ज्योति, मुनव्वर खान, खादेरुन्निसा, के. श्रीधर रेड्डी और सहित अन्य कई व्यक्तियों के नाम शामिल थे।

ईडी के हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने पिछले साल अप्रैल में हैदराबाद में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई तलाशी के दौरान कई विंटेज कारों समेत 45 कारें जब्त की थी।

एजेंसी ने घोषणा की थी कि उसने सरकारी जमीन की धोखाधड़ी वाली खरीद-बिक्री से संबंधित आपत्तिजनक दस्तावेज, 23 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा और 12,000 यूएई दिरहम जब्त किए हैं।

यह तलाशी आरोपी खादेरुन्निसा, मुनव्वर खान, मोहम्मद लतीफ शरफान, मोहम्मद अख्तर शरफान और मोहम्मद शकूर के आवासों और फार्महाउसों पर की गई थी।

ईडी ने कहा था कि ईडी की जांच में पता चला कि महेश्वरम मंडल के नागरम गांव में स्थित सरकारी जमीन/भूदान जमीन पर खादेरुनिशा ने झूठा दावा किया था कि यह उसकी पुश्तैनी संपत्ति है। राजस्व रिकॉर्ड में धोखाधड़ी करके बदलाव किए गए और कई बिचौलियों की मिलीभगत से यह जमीन अलग-अलग संस्थाओं को बेच दी गई।

उसने आगे कहा कि इन बिचौलियों ने सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से दस्तावेजों में हेराफेरी की और जमीन के राजस्व रिकॉर्ड बदल दिए, जिसके परिणामस्वरूप उक्त जमीन को प्रतिबंधित सूची से हटा दिया गया और बाद में कुछ निजी पार्टियों को बेच दिया गया।

–आईएएनएस

डीकेएम/पीएम

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