मुंबई, 21 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना-यूबीटी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शनिवार को राज्य सरकार को चुनौती देते हुए ‘फर्जी धर्मगुरुओं’ के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। यह मांग अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा के मामले के बाद उठी है, जो स्वयं को ब्रह्मांड विज्ञान का विशेषज्ञ और मर्चेंट नेवी कैप्टन बताता था और आध्यात्मिक गुरु होने का ढोंग करता था। हाल ही में नासिक पुलिस ने उसे एक महिला अनुयायी के साथ दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया है।
खरात की गिरफ्तारी ने न केवल उसकी धोखाधड़ी को उजागर किया है, बल्कि राज्य में एक राजनीतिक तूफान भी खड़ा कर दिया है।
मुंबई में इंपोर्ट एक्सपोर्ट लॉजिस्टिक्स कोर्स का उद्घाटन करने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए ठाकरे ने मांग की कि जांच केवल व्यक्ति विशेष तक सीमित न रहे, बल्कि ऐसे धोखेबाज आध्यात्मिक नेताओं का समर्थन करने वाले राजनीतिक गठजोड़ का भी पर्दाफाश हो।
ठाकरे ने राजनीति और अंधविश्वास के अंतर्संबंध पर प्रकाश डाला और महाराष्ट्र की वर्तमान स्थिति की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भले ही मजबूत अंधविश्वास और काला जादू-विरोधी कानून है, लेकिन अगर कानून के रखवाले खुद ऐसे धर्मगुरुओं का अनुसरण कर रहे हैं तो यह अप्रभावी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन विवादों को जनता का ध्यान अधिक महत्वपूर्ण मुद्दों से हटाने के लिए उछाला जा रहा है, विशेष रूप से ‘एपस्टीन फाइल्स’ और अन्य महत्वपूर्ण घोटालों का हवाला देते हुए।
अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि जिनमें योग्यता की कमी है और जो अपने नेतृत्व से कुछ हासिल नहीं कर सकते, वे नींबू, सुई और काले जादू का सहारा ले रहे हैं।
जब उनसे उन खबरों के बारे में पूछा गया कि पिछली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार ने अशोक खरात के प्रतिष्ठान को पानी की सुविधा मुहैया कराई थी, तो ठाकरे ने कहा, “मुझे कोई आपत्ति नहीं है – सभी की पूरी जांच करें। देखते हैं मामला कितना गहरा है। चाहे वह गांव का बाबा हो या किसी राजनीतिक दल से जुड़ा व्यक्ति, सभी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”
एमवीए शासनकाल के दौरान आश्रम के लिए 39 लाख लीटर पानी स्वीकृत किए जाने की खबरों के बाद, शिवसेना-यूबीटी प्रमुख ने आक्रामक रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को पूरी जांच करने की चुनौती दी।
–आईएएनएस
एमएस/
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