एआईएडीएमके में एकता की पहल, पलानीस्वामी-शणमुगम के बीच मतभेद दूर करने की कोशिशें शुरू

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चेन्नई, 20 मई (आईएएनएस)। एआईएडीएमके महासचिव एडप्पडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने जिला सचिवों की बैठक में पार्टी एकता का आह्वान किया। इसी बीच पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेता सी.वी. शणमुगम के नेतृत्व वाले असंतुष्ट गुट और ईपीएस के बीच मतभेद सुलझाने की कोशिशें भी तेज होती दिख रही हैं। पार्टी नेताओं को आशंका है कि लगातार जारी अंदरूनी कलह से एआईएडीएमके और कमजोर हो सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेताओं का एक वर्ग ईपीएस गुट और सी.वी. शणमुगम के समर्थक गुट के बीच तनाव कम करने की कोशिशों में जुटा है। उनका मानना है कि लंबे समय तक…

चेन्नई, 20 मई (आईएएनएस)। एआईएडीएमके महासचिव एडप्पडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने जिला सचिवों की बैठक में पार्टी एकता का आह्वान किया। इसी बीच पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेता सी.वी. शणमुगम के नेतृत्व वाले असंतुष्ट गुट और ईपीएस के बीच मतभेद सुलझाने की कोशिशें भी तेज होती दिख रही हैं। पार्टी नेताओं को आशंका है कि लगातार जारी अंदरूनी कलह से एआईएडीएमके और कमजोर हो सकती है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेताओं का एक वर्ग ईपीएस गुट और सी.वी. शणमुगम के समर्थक गुट के बीच तनाव कम करने की कोशिशों में जुटा है। उनका मानना है कि लंबे समय तक जारी आंतरिक मतभेदों से केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को फायदा होगा और इससे एआईएडीएमके की दीर्घकालिक संभावनाओं को नुकसान पहुंचेगा। हालांकि, इन प्रयासों में अब तक कितनी प्रगति हुई है, यह स्पष्ट नहीं है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब शणमुगम ने पार्टी की आम परिषद (जनरल काउंसिल) की जल्द बैठक बुलाने की अपनी मांग दोहराई है। उन्होंने हाल के वर्षों में एआईएडीएमके को मिली लगातार चुनावी हार समेत महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की आवश्यकता बताई है।

मंगलवार को एडप्पडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) द्वारा बुलाई गई जिला सचिवों की अनौपचारिक बैठक में कुछ अप्रत्याशित घटनाक्रम भी देखने को मिले। पहले यह बैठक उनके आवास पर होनी थी, लेकिन अंतिम समय में इसका स्थान बदलकर एआईएडीएमके मुख्यालय कर दिया गया।

ईपीएस समर्थक नेताओं का दावा है कि पार्टी के 82 में से अधिकांश जिला सचिव बैठक में शामिल हुए, जबकि विरोधी गुट का कहना है कि बड़ी संख्या में पदाधिकारी अनुपस्थित रहे।

पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता डी. जयकुमार प्रमुख अनुपस्थित नेताओं में शामिल थे। बाद में एआईएडीएमके मुख्यालय की ओर से कहा गया कि कुछ जिला सचिवों ने बैठक में शामिल न हो पाने के कारणों की जानकारी पार्टी को दे दी थी।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पलानीस्वामी ने बैठक के दौरान पार्टी के चुनावी प्रदर्शन पर चर्चा की और जिला सचिवों, खासकर नए पदाधिकारियों, को भरोसा दिलाया कि एआईएडीएमके पहले भी कठिन राजनीतिक दौर और भारी चुनावी हार से उबरकर सत्ता में वापसी कर चुकी है।

इस बीच शणमुगम ने अपने कार्यालय में समर्थक विधायकों और पदाधिकारियों के साथ अलग से बैठक की। बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनका गुट बातचीत के लिए तैयार है लेकिन आम परिषद की बैठक जल्द से जल्द बुलाई जानी चाहिए।

शणमुगम ने कहा, “हम बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन जनरल काउंसिल की बैठक जल्द होनी चाहिए। हमारा उद्देश्य पार्टी से निकाले गए नेताओं और दूर चले गए कार्यकर्ताओं को वापस लाकर एआईएडीएमके को मजबूत और एकजुट करना है।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि पलानीस्वामी अब तक 31 जिला सचिवों को उनके पदों से हटा चुके हैं।

ताजा संगठनात्मक फेरबदल में पूर्व विधायक एलाम्बई आर. तमिलसेलवन को मंगलवार शाम पेरम्बलूर जिला सचिव पद से हटा दिया गया।

–आईएएनएस

पीएम

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