केरल चुनाव नतीजों से पहले सियासी हलचल तेज, यूडीएफ उत्साहित तो लेफ्ट खेमे में सतर्कता

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तिरुवनंतपुरम, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों में अब सिर्फ छह दिन बाकी हैं और राज्य में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सार्वजनिक बयानबाजी से लेकर अंदरूनी रणनीतियों तक, विभिन्न दलों के रुख से अलग-अलग तस्वीर सामने आ रही है। 140 सदस्यीय केरल विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को संपन्न हुआ था। अब मुकाबला मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन के नेतृत्व वाले कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच माना जा रहा है। वहीं, भाजपा नीत एनडीए, जो 2021 में अपनी एकमात्र सीट…

तिरुवनंतपुरम, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों में अब सिर्फ छह दिन बाकी हैं और राज्य में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सार्वजनिक बयानबाजी से लेकर अंदरूनी रणनीतियों तक, विभिन्न दलों के रुख से अलग-अलग तस्वीर सामने आ रही है।

140 सदस्यीय केरल विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को संपन्न हुआ था। अब मुकाबला मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन के नेतृत्व वाले कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच माना जा रहा है।

वहीं, भाजपा नीत एनडीए, जो 2021 में अपनी एकमात्र सीट भी गंवा चुका था, इस बार त्रिशंकु जनादेश की स्थिति में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद लगाए बैठा है।

चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में मिले-जुले अनुमान सामने आए हैं और किसी भी दल को स्पष्ट बढ़त नहीं दिखाई गई है। हालांकि मतदान के बाद राजनीतिक माहौल में बयानबाजी तेज हो गई है।

यूडीएफ खेमे में सत्ता में वापसी को लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है। पार्टी नेता और समर्थक खुलकर जीत का दावा कर रहे हैं। दूसरी ओर, पिनराई विजयन का खेमा चुप्पी साधे हुए है, जिससे अटकलें और बढ़ गई हैं।

सोशल मीडिया भी राजनीतिक भविष्यवाणियों का बड़ा मंच बन गया है। लेफ्ट समर्थक तीसरी बार लगातार सत्ता में वापसी का दावा कर रहे हैं, जो केरल के इतिहास में पहली बार होगा। वहीं यूडीएफ समर्थक गठबंधन को बहुमत के आंकड़े 71 से काफी आगे बताते हुए 100 सीटों तक का दावा कर रहे हैं।

प्रख्यात लेखक और पूर्व आईएएस अधिकारी एन.एस. माधवन ने अपेक्षाकृत संतुलित अनुमान देते हुए एलडीएफ को 75, यूडीएफ को 65 सीटें और एनडीए को शून्य सीट मिलने की संभावना जताई है।

यूडीएफ खेमे में मुख्यमंत्री पद को लेकर भी अंदरूनी हलचल तेज है। वी.डी. सतीशन के समर्थकों के अलावा रमेश चेन्निथला और कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल समर्थक भी दावेदारी को लेकर सक्रिय हैं। इससे पार्टी नेतृत्व में कुछ असहजता जरूर है, लेकिन कार्यकर्ताओं के बीच जीत का भरोसा मजबूत हुआ है।

अब सबकी नजर बुधवार शाम आने वाले एग्जिट पोल पर है, जो पश्चिम बंगाल और असम में मतदान खत्म होने के बाद जारी होंगे। इससे मतदाताओं के रुझान की पहली तस्वीर सामने आएगी। केरल के अंतिम नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

–आईएएनएस

डीएससी

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