चेन्नई, 24 मार्च (आईएएनएस)। तेल समृद्ध पश्चिम एशियाई क्षेत्र में चल रहे संघर्ष का असर अब तमिलनाडु के कुछ घरों पर पड़ने लगा है। पेट्रोलियम आधारित कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के बाद पानी की बोतलें और 20 लीटर वाले कैन बनाने की लागत बढ़ गई है, जिसकी वजह से बोतलबंद पानी की कीमतें भी बढ़ गई हैं।
पहले इस संकट का असर राज्य के होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर पड़ा था, लेकिन अब यह सीधे उन लोगों को महसूस हो रहा है जो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए 20 लीटर वाली कैन वाले पानी पर निर्भर हैं।
सूत्रों के अनुसार, पॉलीएथिलीन टेरेफ्थेलेट की कीमत बढ़ गई है, जो बोतलें और कैन बनाने में इस्तेमाल होती है। इसके कारण नए 20-लीटर वाले कैन की कीमत काफी बढ़ गई है।
निर्माताओं ने 20 लीटर कैन की कीमत लगभग 5 रुपए बढ़ा दी है, जबकि कुछ बड़े ब्रांडों ने इसे 10 रुपए तक बढ़ाया है। बोतलबंद पानी की कीमत भी बढ़ गई है। अब एक कैन पानी की कीमत पहले से 20 से 30 रुपए ज्यादा हो गई है।
तमिलनाडु में लगभग 1,500 पैकेज्ड वाटर यूनिट हैं, जो करीब 15 लाख लोगों को 20 लीटर कैन के जरिए पानी उपलब्ध कराती हैं, लेकिन राज्य में प्लास्टिक कंटेनर बनाने वाले बहुत कम हैं, इसलिए सप्लाई में कमी और उत्पादन में दिक्कतें आती हैं।
हर यूनिट को हर हफ्ते नए कंटेनर की जरूरत होती है, इसलिए कच्चे माल में कोई रुकावट सीधे पानी की कीमतों को प्रभावित करती है।
चेन्नई और अन्य शहरों में रिटेलर पहले ही बढ़ी कीमतें ग्राहकों पर डाल रहे हैं। पहले लगभग 20 रुपए का 20 लीटर वाला कैन, अब कई जगह 25 रुपए में बिक रहा है। आने वाले दिनों में कीमत और बढ़ सकती है।
शहरी इलाकों में घरों पर पानी का खर्च बढ़ने लगा है। साथ ही डिलीवरी चार्ज भी ज्यादा हो गया है। उद्योग के विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर पेट्रोल या डीजल की कीमतें बढ़ीं तो ट्रांसपोर्टेशन का खर्च और बढ़ जाएगा और पानी महंगा होने लगेगा।
–आईएएनएस
एसएके/वीसी
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