IAF Tejas Fighter Jet Crash : पिछले 2 सालों के भीतर भारतीय वायुसेना के 3 तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। हालिया हादसा Tejas लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) इस महीने एक महत्वपूर्ण एयरबेस पर घटित हुआ. बता दें विमान नियमित ट्रेनिंग उड़ान के बाद लैंडिंग कर रहा था. सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई गई है. माना जा रहा है कि विमान के ऑनबोर्ड सिस्टम में गड़बड़ी के कारण यह दुर्घटना हुई.
IAF Tejas Fighter Jet Crash : पायलट सुरक्षित, विमान को भारी नुकसान
यह हादसा पिछले साल नवंबर 2025 में हुए दुबई एयरशो के बाद घटी घटना है। बता दें हालिया घटी इस घटना में पायलट ने समय रहते खुद को इजेक्ट कर लिया. इससे वह सुरक्षित है. हालांकि विमान के ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है. इसे संभवतः सेवा से बाहर किया जा सकता है. इस घटना के बाद भारतीय वायुसेना ने अपने लगभग 30 सिंगल-सीट तेजस विमानों को तकनीकी जांच के लिए अस्थायी रूप से ग्राउंड कर दिया है. वायुसेना पूरी फ्लीट की गहरी जांच कर रही है.
IAF Tejas Crash 2026 : तीसरी बात घटी घटना

तेजस के तकनीकी पहलुओं पर अब सवाल उठने लगे हैं, इससे पहले पिछले 2 सालों के भीतर 2 तेजस हादसे की घटनाएं घट चुकी हैं। पहली दुर्घटना मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर के पास हुई थी. जब विमान फायरपावर प्रदर्शन से लौट रहा था. उस समय भी पायलट सुरक्षित बच गया था. दूसरी दुर्घटना नवंबर 2025 में Dubai Airshow के दौरान हुई थी. इस हादसे में विंग कमांडर Namansh Syal की मौत हो गई थी. विमान संयुक्त अरब अमीरात में एयरशो के दौरान क्रैश हो गया था. पायलट सुरक्षित इजेक्ट नहीं कर सके थे.
Dubai Airshow Crash Pilot Namansh Sya : कैसे घटी घटना

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह हादसा संभवत: ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ, जिसके कारण विमान रनवे से आगे निकल गया यानी ओवरशूट कर गया. इससे उसके एयरफ्रेम को नुकसान पहुंचा है. राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि पायलट ने खतरे को समय रहते भांप लिया और सही समय पर विमान से कूदकर करके अपनी जान बचा ली. जानकारी के अनुसार यह घटना इसी महीने 7 फरवरी की है। फाइटर जेट अपनी एक रूटीन ट्रेनिंग सॉर्टी यानी प्रशिक्षण उड़ान पूरी करने के बाद सुरक्षित वापस एयरबेस लौट रहा था, तभी लैंडिंग के दौरान यह गंभीर तकनीकी खराबी आ गई.
भारतीय वायुसेना की तरफ से अभी तक इस हादसे को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
पहले से हो रही अनियमितता

पिछले 2 हादसों की कड़ी में घटी इस घटना ने भारतीय वायुसेना और रक्षा मंत्रालय के लिए सवालिए निशान छोड़ दिए हैं, जब तेजस को बनाने वाली सरकारी कंपनी ‘हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड’ (HAL) तेजस के अपग्रेडेड ‘मार्क 1A’ (Tejas Mk-1A) वेरिएंट की डिलीवरी को लेकर पहले ही कई डेडलाइंस मिस कर चुकी है.
रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए फरवरी 2021 में HAL के साथ 83 तेजस Mk-1A जेट्स की खरीद के लिए 48,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम करार किया था. इसके बाद पिछले साल (सितंबर 2025) में 97 और तेजस MK-1A विमानों की खरीद के लिए 62,370 करोड़ रुपये का एक और बड़ा सौदा पक्का किया गया था.
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