आईआईटी मद्रास ने बनाया दुनिया का सबसे बड़ा उन्नत मिश्रधातु डेटाबेस

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नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस) इलेक्ट्रिक वाहनों, विमानन, नवीकरणीय ऊर्जा और समुद्री ढांचे के लिए बेहतर और पर्यावरण अनुकूल सामग्री विकसित करने की दिशा में आईआईटी मद्रास ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के शोधकर्ताओं ने एआई आधारित एक ऐसा प्लेटफार्म तैयार किया है, जो हजारों शोधपत्रों से जरूरी जानकारी निकालकर नई मिश्रधातुओं की खोज को तेज कर सकता है। खास बात यह है कि एआई प्लेटफार्म पर्यावरण को ध्यान में रख कर काम करेगा। शोधकर्ताओं ने 10,000 से अधिक शोधपत्रों का विश्लेषण कर उन्नत धातु मिश्रधातुओं का विशाल सार्वजनिक डेटाबेस तैयार किया है। इसमें 1,85,000 से अधिक रिकॉर्ड…

नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस) इलेक्ट्रिक वाहनों, विमानन, नवीकरणीय ऊर्जा और समुद्री ढांचे के लिए बेहतर और पर्यावरण अनुकूल सामग्री विकसित करने की दिशा में आईआईटी मद्रास ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के शोधकर्ताओं ने एआई आधारित एक ऐसा प्लेटफार्म तैयार किया है, जो हजारों शोधपत्रों से जरूरी जानकारी निकालकर नई मिश्रधातुओं की खोज को तेज कर सकता है। खास बात यह है कि एआई प्लेटफार्म पर्यावरण को ध्यान में रख कर काम करेगा।

शोधकर्ताओं ने 10,000 से अधिक शोधपत्रों का विश्लेषण कर उन्नत धातु मिश्रधातुओं का विशाल सार्वजनिक डेटाबेस तैयार किया है। इसमें 1,85,000 से अधिक रिकॉर्ड हैं। इसे दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक बहु-घटक मिश्रधातु डेटाबेस में शामिल किया गया है। आईआईटी मद्रास का कहना है कि यह प्रणाली मिश्रधातुओं की संरचना, निर्माण प्रक्रिया और परीक्षण परिस्थितियों की जानकारी अपने आप निकाल सकती है। यह 350 से अधिक भौतिक गुणों को दर्ज करती है।

इससे वैज्ञानिकों को पहले किए गए प्रयोगों की जानकारी आसानी से मिलेगी। इससे समय और शोध का खर्च भी कम होगा। इस प्लेटफार्म की खास बात यह है कि यह केवल मजबूत और बेहतर सामग्री की तलाश नहीं करता। इसमें पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक पहलुओं को भी शामिल किया गया है। इससे कम पर्यावरणीय प्रभाव वाली मिश्रधातुओं की पहचान की जा सकेगी। साथ ही महत्वपूर्ण कच्चे माल पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी।

इसका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन से समुद्री ढांचे तक विभिन्न कार्यों में किया जा सकेगा। शोधकर्ताओं ने तीन प्रमुख क्षेत्रों में संभावित मिश्रधातुओं की पहचान की है। इनमें हल्की सामग्री शामिल है, जो वाहन और विमान का वजन तथा ईंधन खपत घटा सकती है। वहीं चुंबकीय सामग्री, जिसका उपयोग इलेक्ट्रिक मोटर और ट्रांसफार्मर में हो सकता है। इसके साथ ही क्षरण-रोधी मिश्रधातु, जो समुद्री ढांचे, ऊर्जा और रासायनिक उद्योगों में उपयोगी हो सकती है।

इनमें कुछ मिश्र धातुएं पारंपरिक सामग्रियों के बराबर या उनसे बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। आईआईटी मद्रास की टीम अब एआई को वैज्ञानिक चित्रों और सूक्ष्म संरचना वाली तस्वीरों से भी जानकारी निकालने योग्य बनाने पर काम कर रही है। भविष्य में इस तकनीक का इस्तेमाल बहुलक, सिरेमिक और मिश्रित सामग्रियों के लिए भी किया जाएगा।

इस शोध का नेतृत्व डॉ. रोहित बत्रा ने किया। परियोजना को अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के उद्योग एवं अकादमिक निदेशालय और आईआईटी मद्रास के वाधवानी स्कूल ऑफ डेटा साइंस एंड एआई से सहायता मिली। इस शोध के निष्कर्ष प्रतिष्ठित शोध पत्रिका एडवांस्ड साइंस में प्रकाशित भी हुए हैं।

–आईएएनएस

जीसीबी/पीएम

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IANS Agency

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