विपक्ष के पास न तो मिशन है और न ही कोई विजन: शहजाद पूनावाला

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नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह महागठबंधन बिना किसी उद्देश्य के केवल भ्रम, आंतरिक फूट और पदों की लालसा पर आधारित है। उन्होंने कहा, “इंडी गठबंधन किस तरह का गठबंधन है—इसका कोई मिशन या विजन नहीं है। इसमें सिर्फ कन्फ्यूजन, फूट और पदों की लालसा है।” पंजाब में वेयरहाउस कॉर्पोरेशन से जुड़े एक विवादित मामले का जिक्र करते हुए पूनावाला ने आम आदमी पार्टी और उसके नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट मंत्री पर आरोप है कि उन्होंने एक डिस्ट्रिक्ट…

नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह महागठबंधन बिना किसी उद्देश्य के केवल भ्रम, आंतरिक फूट और पदों की लालसा पर आधारित है। उन्होंने कहा, “इंडी गठबंधन किस तरह का गठबंधन है—इसका कोई मिशन या विजन नहीं है। इसमें सिर्फ कन्फ्यूजन, फूट और पदों की लालसा है।”

पंजाब में वेयरहाउस कॉर्पोरेशन से जुड़े एक विवादित मामले का जिक्र करते हुए पूनावाला ने आम आदमी पार्टी और उसके नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट मंत्री पर आरोप है कि उन्होंने एक डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को धमकाकर अपने करीबी को गैर-कानूनी तरीके से टेंडर दिलवाने की कोशिश की। जब अधिकारी ने ऐसा करने से इनकार किया तो उसे प्रताड़ित किया गया, यहां तक कि मारपीट भी की गई, और अंततः वह आत्महत्या करने को मजबूर हुआ।

उन्होंने दावा किया कि सुसाइड वीडियो में अधिकारी ने मंत्री को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है, जिसे उन्होंने ‘डाइंग डिक्लेरेशन’ और ‘ओपन-एंड-शट केस’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश हो रही है और इसमें अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी, भगवंत मान समेत अन्य नेताओं के संबंधों का हवाला दिया जा रहा है।

हिमाचल प्रदेश के बजट पर निशाना साधते हुए पूनावाला ने राहुल गांधी के ‘खटाखट मॉडल’ पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जहां-जहां कांग्रेस की सरकार बनी है, वहां आर्थिक स्थिति बिगड़ी है—चाहे हिमाचल प्रदेश हो, तेलंगाना, या कर्नाटक।

उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में बजट प्रबंधन कमजोर हुआ है, बजट आवंटन घटाया गया है, और कुछ अधिकारियों के वेतनमान में 50 प्रतिशत तक कटौती की गई है। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के कर्मचारियों को पहले करीब छह महीने तक वेतन नहीं मिला और सरकार अपनी गारंटियां पूरी करने में विफल रही है। साथ ही महंगाई और बढ़ गई है।

–आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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