नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने शुक्रवार को कहा कि भारत कोविड-19 से बचाव में कारगर रूस के एक खुराक वाले ‘स्पूतनिक लाइट’ टीके के बारे में दावे का परीक्षण करेगा। पॉल ने कहा, ‘‘स्पूतनिक वी टीके की दो खुराकें तीन हफ्ते के अंतराल पर दी जाती हैं।
इसकी खासियत ये है कि पहली और दूसरी खुराक का एंटीजन एक दूसरे से अलग है। दूसरे टीकों में दोनों खुराकें एक समान रहती है।’’ पॉल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘स्पूतनिक लाइट के मामले में वह (टीका निर्माता) कह रहे हैं कि पहली खुराक ही पर्याप्त है। हम इस दावे का परीक्षण कर रहे हैं।
हम इसके आंकड़ों और प्रभाव को लेकर गौर करेंगे। इस बारे में और जानकारी अभी आएगी।’’ पॉल से सवाल किया गया कि भारत में टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए क्या ‘स्पूतनिक लाइट’ टीके को अनुमति दी जाएगी। पॉल ने कहा कि अगर टीका निर्माता का दावा सही है तो इससे भारत में टीकाकरण की रफ्तार दोगुनी करने में मदद मिल सकती है।


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