ISRO EOS-05 Satellite Launch: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। ISRO ने अपने एडवांस्ड अर्थ ऑब्ज़र्वेशन सैटेलाइट EOS-05 को GSLV-F17 रॉकेट की मदद से सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजा। लॉन्च के करीब 18 मिनट बाद सैटेलाइट को तय सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस सैटेलाइट को देश के लिए ‘आसमान की आंख’ यानी ‘Eye in the Sky’ के तौर पर देखा जा रहा है। EOS-05 से मिलने वाली तस्वीरों और डेटा का इस्तेमाल खेती, मौसम की निगरानी और आपदा प्रबंधन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा सकेगा।
EOS-05 से मिलेगी रियल-टाइम जानकारी
EOS-05 एक एडवांस्ड अर्थ ऑब्ज़र्वेशन सैटेलाइट है। इसका मुख्य काम धरती की सतह की तस्वीरें और जरूरी जानकारी जुटाना है। ISRO से जुड़े एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने इसे ‘Eye in the Sky’ बताया है।
इस सैटेलाइट से मिलने वाली तस्वीरों का इस्तेमाल अलग-अलग क्षेत्रों में तेजी से फैसले लेने में मदद के लिए किया जा सकता है। खासकर खेती और आपदा प्रबंधन में इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। बाढ़, भूस्खलन और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान धरती की स्थिति पर नजर रखने में भी सैटेलाइट अहम भूमिका निभा सकता है।
Yet another outstanding achievement by ISRO and a proud moment for our nation.
The successful launch of GSLV-F17 carrying EOS-05, India’s first-ever imaging satellite from Geosynchronous orbit is a reflection of the excellence, innovation and growing capabilities that define… https://t.co/fXzwnSmwAF
— Narendra Modi (@narendramodi) September 4, 2026
PM मोदी ने ISRO को दी बधाई
EOS-05 के सफल लॉन्च पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ISRO की टीम को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस उपलब्धि को देश के लिए गर्व का पल बताया। PM मोदी ने कहा कि GSLV-F17 के सफल प्रक्षेपण से भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती ताकत, नई तकनीक और क्षमता का पता चलता है।
उन्होंने ISRO और भारतीय उद्योगों के बीच बढ़ती साझेदारी को भी देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह की साझेदारी से भारत के पूरे स्पेस इकोसिस्टम को मजबूती मिल रही है और देश की अंतरिक्ष क्षेत्र में क्षमताएं लगातार बढ़ रही हैं।
ISRO प्रमुख का भी आया बयान
ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने EOS-05 मिशन को इस वित्तीय वर्ष की संगठन की पहली बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत का परिणाम आगे और ज्यादा जिम्मेदारियों के रूप में सामने आता है। उन्होंने बताया कि ISRO की टीम फिलहाल उद्योगों और दूसरे संगठनों के साथ मिलकर गगनयान मिशन की तैयारियों में जुटी है। इस कैलेंडर ईयर में गगनयान के पहले बिना क्रू वाले मिशन को लॉन्च करने के लिए तेजी से और योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में छह और लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 भी शामिल है। इससे साफ है कि ISRO आने वाले महीनों में कई अहम मिशनों पर काम करने की तैयारी में है। इन अभियानों के जरिए भारत की अंतरिक्ष तकनीक और सैटेलाइट क्षमता को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
9 साल होगी EOS-05 की ऑपरेशनल लाइफ
ISRO प्रमुख ने बताया कि EOS-05 की ऑपरेशनल लाइफ करीब 9 साल है। उन्होंने उन दावों और अटकलों को भी खारिज किया, जिनमें इस सैटेलाइट को ‘जासूसी सैटेलाइट’ बताया जा रहा था।
EOS-05 का मुख्य उद्देश्य धरती की निगरानी से जुड़ी तस्वीरें और डेटा उपलब्ध कराना है। इससे खेती, प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी और अन्य अर्थ ऑब्ज़र्वेशन से जुड़े कामों में मदद मिलने की उम्मीद है। GSLV-F17 की सफल उड़ान ने एक बार फिर भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती तकनीकी क्षमता को सामने रखा है।
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