विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को कहा कि पहले से ही अत्यंत गतिशील एवं जटिल वैश्विक स्थिति में कोविड-19 के समय कई नयी स्थितियां देखने को मिलीं और तनाव के समय देशों का व्यवहार खुलकर सामने आ गया। किसी देश का नाम लिए बिना या किसी घटना का जिक्र किए बिना विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि एक परिवर्तित ‘खेल मैदान’ में शक्ति का खेल जारी रहेगा।
उन्होंने उल्लेख किया कि मुद्दों में ‘‘हालिया अनुभव’’ और परिणामस्वरूप होने वाली चिंताएं तथा इसी तरह समाधान दिखेंगे। जयशंकर ‘पॉवर प्ले इन ए पोस्ट पैंडेमिक वर्ल्ड’ विषय पर वियोन वैश्विक शिखर सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘अब, अत्यंत गतिशील एवं जटिल वैश्विक स्थिति में कोविड महामारी ने और भी कई नयी स्थितियां उत्पन्न कर दी हैं। केवल यही नहीं, इनमें से कुछ असल में, समूची वैश्विक व्यवस्था के लिए एक झटके के रूप में आईं।’’ उन्होंने उल्लेख किया कि उदाहरण के लिए महामारी ने विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला के महत्व से संबंधित भूमंडलीकरण विशेषताओं के बारे में बुनियादी चिंताएं उत्पन्न कर दी हैं। विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘तनाव के समय’’ देशों का व्यवहार भी खुलकर सामने आ गया, इस तरह वैश्विक राजनीति की अधिक असहज सच्चाइयां रेखांकित हुईं।’’
उल्लेखनीय है कि विश्व में महामारी के समय विस्तारवादी व्यवहार को लेकर चीन की काफी आलोचना हुई है। शक्ति प्रदर्शन के बारे में जयशंकर ने कहा कि विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में इसकी कई ठोस अभिव्यक्तियां हैं और चीन का उभार तथा कुछ हद तक भारत भी, कहानी का एक हिस्सा हैं।
उन्होंने अपने संबोधन में अमेरिका के रणनीतिक हाव-भाव में महत्वपूर्ण बदलाव, रूस, तुर्की और ईरान से संबंधित स्थितियों का भी जिक्र किया। जयशंकर ने कहा कि शक्ति प्रदर्शन जारी रहेगा, लेकिन अब स्पष्ट रूप से यह एक परिवर्तित ‘खेल मैदान’ में होगा।


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