झारखंड में ‘एसआईआर’ की तैयारी, सीईओ ने राजनीतिक दलों के साथ की बैठक

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रांची, 12 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड में मतदाता सूची की एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की तैयारी तेज हो गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने गुरुवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ‘एसआईआर’ की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन बनाने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य किया जाएगा। राज्य में मतदाताओं को पिछले गहन पुनरीक्षण की सूची से मैपिंग करने का काम शुरू कर दिया गया है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक वोटर लिस्ट में शामिल होने से वंचित न रह…

रांची, 12 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड में मतदाता सूची की एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की तैयारी तेज हो गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने गुरुवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ‘एसआईआर’ की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन बनाने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य किया जाएगा। राज्य में मतदाताओं को पिछले गहन पुनरीक्षण की सूची से मैपिंग करने का काम शुरू कर दिया गया है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक वोटर लिस्ट में शामिल होने से वंचित न रह जाए।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि इस ‘एसआईआर’ अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बीएलओ की घर-घर दस्तक होगी। बीएलओ न केवल प्रत्येक घर जाकर ‘इन्यूमेरेशन फॉर्म’ देंगे और उन्हें भरकर वापस लेंगे, बल्कि हर घर के बाहर एक विशेष स्टिकर भी लगाएंगे। इस स्टिकर पर मतदाता के घर की संख्या के साथ-साथ उनके संबंधित बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर भी दर्ज होगा। निर्वाचन आयोग की इस पहल का उद्देश्य यह है कि आम नागरिक को मतदाता सूची से जुड़ी किसी भी समस्या या नाम जुड़वाने के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े और वे सीधे अपने बीएलओ से संपर्क कर सकें।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि लक्ष्य हर हाल में एक पारदर्शी और सटीक मतदाता सूची तैयार करना है। बैठक के दौरान के. रवि कुमार ने राजनीतिक दलों से भी सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी दल अपने मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति में तेजी लाएं, ताकि ‘एसआईआर’ के दौरान बीएलओ के साथ बेहतर समन्वय बना रहे। इसके साथ ही एजेंटों की ट्रेनिंग पर भी जोर दिया गया ताकि जमीनी स्तर पर काम करते समय किसी तरह का संशय न रहे।

आयोग ने स्‍पष्‍ट किया कि इस बार एब्सेंट (अनुपस्थित), शिफ्टेड (स्थानांतरित), डेथ (मृतक) और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची को बीएलओ द्वारा राजनीतिक दलों के एजेंटों से प्रमाणित कराया जाएगा और फिर उसे सार्वजनिक किया जाएगा। इससे फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने में मदद मिलेगी। बैठक में ड्राफ्ट पब्लिकेशन, नोटिफिकेशन और सुनवाई की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई।

–आईएएनएस

एसएनसी/एएसएच

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