‘अबोध बालक’ टिप्पणी पर गरमाया सदन, नड्डा-खड़गे के बीच जोरदार बहस

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JP Nadda vs Mallikarjun Kharge: राज्यसभा में गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और सदन में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच तीखी बहस हुई। राहुल गांधी का नाम लिए बगैर जेपी नड्डा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को संबोधित करते हुए सदन में कहा कि ‘अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए।’ इससे मल्लिकार्जुन खड़गे भड़क गए और उन्होंने सदन में जेपी नड्डा की बात का खंडन किया। Rajya Sabha clash: खड़गे के बयान से गरमाया राज्यसभा गुरुवार को राज्यसभा में हंगामा उस समय शुरू हुआ, जब मल्लिकार्जुन खड़गे बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने लोकसभा…

JP Nadda vs Mallikarjun Kharge: राज्यसभा में गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और सदन में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच तीखी बहस हुई। राहुल गांधी का नाम लिए बगैर जेपी नड्डा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को संबोधित करते हुए सदन में कहा कि ‘अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए।’ इससे मल्लिकार्जुन खड़गे भड़क गए और उन्होंने सदन में जेपी नड्डा की बात का खंडन किया।

Rajya Sabha clash: खड़गे के बयान से गरमाया राज्यसभा

JP Nadda vs Mallikarjun Kharge

गुरुवार को राज्यसभा में हंगामा उस समय शुरू हुआ, जब मल्लिकार्जुन खड़गे बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने लोकसभा से जुड़ा हुआ मुद्दा राज्यसभा में उठाया। विपक्ष ने सरकार पर विपक्ष के नेता की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया। इस पर राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने आपत्ति जताई और कहा कि नियमों के अनुसार लोकसभा से मुद्दे को ऊपरी सदन में नहीं उठाया जा सकता है।

JP Nadda statement: PM के भाषण पर सियासत, सदन में टकराव

जेपी नड्डा ने कहा, “अगर ये मुद्दा उठाना चाहते हैं तो अपने सदस्यों से कहें कि वे लोकसभा में चर्चा करें। राज्यसभा में अच्छी चर्चा चल रही है और यह चलती रहनी चाहिए, ये मेरा अनुरोध है।”हालांकि, सदन में कांग्रेस सदस्यों का हंगामा जारी रहा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के बर्ताव की निंदा की और सदस्यों को संसदीय प्रोटोकॉल का पालन करने की सीख दी।

उन्होंने कहा, “आज हम सभी उम्मीद कर रहे हैं कि सभी सांसद सदन के नियमों और परंपराओं का पालन करेंगे। सभी सांसद आज प्रधानमंत्री का भाषण सुनने का इंतज़ार कर रहे हैं। कांग्रेस पीएम का संबोधन नहीं सुनना चाहती, लेकिन बाकी सभी सदस्य सुनना चाहते हैं। आपके नेता प्रतिपक्ष लोकसभा सदन के नियमों का पालन नहीं करते।”

JP Nadda vs Mallikarjun Kharge: ‘दोनों सदन संसद के स्तंभ’, खड़गे का बड़ा बयान

उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने विपक्ष के सदस्यों को शांत कराने की कोशिश की। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “हम सदन में हंगामा नहीं करना चाहते हैं। लेकिन चार दिन से लोकसभा भी नहीं चल रही है, क्योंकि वहां नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है। हमारा कहना ये है कि दोनों सदनों को मिलने के बाद ही संसद बनती है। ये दोनों संसद के स्तम्भ हैं। सरकार अपनी गलतियां छिपाने के लिए दो स्तंभों में से एक हो पैरालाइज कर रही है।”

Abodh Balak remark: नड्डा का जवाब: सरकार हर चर्चा को तैयार

इसके बाद जेपी नड्डा ने मल्लिकार्जुन खड़गे को जवाब दिया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलने वाली सरकार हर तरीके से चर्चा करने के लिए तैयार है। लोकसभा में जो बातें हुई हैं, उन बातों का जवाब देने के लिए सदन में सत्तापक्ष के नेता बैठे रहे, लेकिन विपक्ष ने लोकसभा की कार्यवाही को चलने नहीं दिया। उन्होंने आगे कहा, “राष्ट्रपति अभिभाषण पर राज्यसभा में चार दिन चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष ने यहां अपने समय से और 20 मिनट अधिक बोला। हम बिल्कुल हर चर्चा के लिए तैयार हैं।”

Political confrontation in Parliament: ‘अबोध बालक’ टिप्पणी, नड्डा का राहुल पर तंज

इसी बीच, राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए जेपी नड्डा ने कहा, “आप (मल्लिकार्जुन खड़गे) हमसे बहुत वरिष्ठ हैं। कांग्रेस में और भी कई नेता हमसे वरिष्ठ हैं, लेकिन एक अनुरोध है कि अपनी पार्टी को ‘अबोध बालक का बंधक’ मत बनाएं। आपको (खड़गे) पार्टी के अंदर भी इस बात को समझाना चाहिए कि लोकतांत्रिक तरीके से ही हमें काम करना है। यहां पर अपमान, अहंकार और अबोध होकर काम नहीं करना चाहिए।”

Rajya Sabha News: ‘हमें मत सिखाइए’, खड़गे-नड्डा में तीखी बहस

बहस के दौरान जेपी नड्डा की बातों का मल्लिकार्जुन खड़गे ने खंडन किया। उन्होंने कहा, “मुझे जो पाठ पढ़ाया जा रहा है कि लोकसभा के विषय राज्यसभा में उठाना उचित नहीं है। मैं पूछना चाहता हूं कि चार दिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता है। राज्यसभा में लोकसभा में उठाए जाने वाले मुद्दों पर ही चर्चा होती है।

दोनों सदन मिलकर ही सरकार बनाते हैं।” उन्होंने कहा कि हमें यह ना सिखाएं कि हमारी पार्टी कैसी है, बल्कि आपकी (भाजपा) खुद ऐसी पार्टी है, जिसके बारे में कुछ बोला ही नहीं जा सकता है। सदन में काफी देर यह तीखी बहस चली और लगातार हंगामा होता रहा। बाद में विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।