PM Modi Dimagi Naxal : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द पर भारी हंगामा चल रहा है। इस सियासी घमासान के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्थिति स्पष्ट की है। विपक्षी नेताओं के हमलों का जवाब देते हुए रिजिजू ने रविवार को सोशल मीडिया पर साफ किया कि प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी विपक्षी नेताओं के लिए नहीं की थी।
उन्होंने बताया कि यह शब्द उन लोगों के संदर्भ में था जो माओवाद का समर्थन करते हैं, संविधान को नहीं मानते, अलगाववादियों के साथ खड़े होकर धारा 370 की वकालत करते हैं या ‘चिकन नेक’ काटकर पूर्वोत्तर को भारत से अलग करने की मंशा रखते हैं।
क्या है मामला
दरअसल, 15 अगस्त को अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देशवासियों को ‘दिमागी नक्सलियों’ से सतर्क रहने का आह्वान किया था।
पीएम ने कहा था कि देश जंगलों में सक्रिय ‘हथियारी नक्सलियों’ को खत्म करने में तो सफल रहा है, लेकिन उनके वैचारिक समर्थक अब भी हिंसा और अराजकता फैलाने के मौके तलाश रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व व्यवस्था में पैठ बनाकर नीतियों को प्रभावित कर रहे हैं, इसलिए उन्हें पहचान कर अलग-थलग करना जरूरी है।
PM @narendramodi ji didn’t say opposition leaders as Dimagi Naxals. Only following are Dimagi Naxals:
1. Who support Maoists and reject Indian Constitution.
2. Who stand with separatists & support Article 370.
4. Who want to cut chicken neck to separate North-East from India.— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) August 16, 2026
इस बात को केन्द्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने ट्वीट कर कहा। ट्वीट में रिजिजू ने 3 पॉइंट दिए हैं। –
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वे लोग जो माओवादियों का समर्थन करते हैं और भारतीय संविधान को नहीं मानते।
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वे लोग जो अलगाववादियों के साथ खड़े होते हैं और धारा 370 का समर्थन करते हैं।
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वे लोग जो ‘चिकन नेक’ को काटकर पूर्वोत्तर को भारत से अलग करना चाहते हैं।
विपक्ष हुआ हमलावर
बता दें, प्रधानमंत्री मोदी के लाल किले से दिए बयान के बाद विपक्ष हमलावर हो गया था। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार पहले ‘अर्बन नक्सल’ कहती थी और अब ‘दिमागी नक्सल’ कहकर विपक्ष पर निशाना साध रही है।
वहीं, टीएमसी (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने भी पलटवार किया। चिदंबरम ने तो यहाँ तक लिखा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है। विपक्षी तीखे बयानों के बीच किरेन रिजिजू की यह सफाई सामने आई है।
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