लोकसभा में महिलाओं की बढ़ेगी हिस्सेदारी! 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की तैयारी में सरकार, तैयार किया ये प्लान

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Loksabha Women Seats Increase: देश में महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार बड़ी तैयारी में है। दरअसल सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने का फैसला किया था। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। हालांकि, संसद से पास होने के बाद भी यह कानून अभी तक लागू नहीं हो पाया है। अब सरकार इसे जल्द लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। Loksabha Women Seats Increase: क्यों नहीं लागू हो पाया कानून? जब यह कानून…

Loksabha Women Seats Increase: देश में महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार बड़ी तैयारी में है। दरअसल सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने का फैसला किया था। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। हालांकि, संसद से पास होने के बाद भी यह कानून अभी तक लागू नहीं हो पाया है। अब सरकार इसे जल्द लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

Loksabha Women Seats Increase: क्यों नहीं लागू हो पाया कानून?

जब यह कानून पारित किया गया था, तब इसमें यह शर्त रखी गई थी कि महिला आरक्षण तभी लागू होगा जब नई जनगणना और उसके आधार पर परिसीमन (सीटों का पुनर्निर्धारण) पूरा हो जाएगा। इसी वजह से अभी तक यह कानून लागू नहीं हो पाया। देश में आखिरी जनगणना 2011 में हुई थी और उसके बाद नई जनगणना अब तक नहीं हो सकी है। ऐसे में परिसीमन की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पाई। यही मुख्य कारण है कि महिलाओं को आरक्षण देने का प्रावधान अभी जमीन पर लागू नहीं हुआ है।

अब क्या करने जा रही है सरकार?

सरकार अब इस कानून को जल्द लागू करने के लिए नया कदम उठाने जा रही है। इसके तहत संसद में एक संशोधन विधेयक लाया जाएगा। इस संशोधन में यह प्रस्ताव होगा कि 2011 की जनगणना को आधार मानकर ही परिसीमन किया जाए। अगर यह संशोधन पास हो जाता है, तो नई जनगणना का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और महिला आरक्षण को जल्दी लागू किया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले इस व्यवस्था को लागू कर दिया जाए।

Women’s Reservation Act implementation 2026: लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने की योजना

संशोधन के साथ ही सरकार लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने की भी तैयारी कर रही है। अभी लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन नए परिसीमन के बाद इनकी संख्या बढ़ाकर 816 की जा सकती है। यदि ऐसा होता है, तो इनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इससे संसद में महिलाओं की भागीदारी काफी बढ़ जाएगी और उन्हें नीति निर्माण में ज्यादा अवसर मिलेगा।

संविधान संशोधन की भी तैयारी

सिर्फ सामान्य कानून में बदलाव से काम नहीं चलेगा। इसके लिए सरकार संविधान संशोधन लाने की भी योजना बना रही है। संविधान संशोधन इसलिए जरूरी है ताकि 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्विन्यास किया जा सके। संविधान में बदलाव के बाद ही लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना और महिला आरक्षण को लागू करना संभव होगा। सरकार इस दिशा में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए काम कर रही है।

Amit Shah Meeting Opposition March: 2029 चुनाव से पहले लागू करने का लक्ष्य

Amit Shah Meeting Opposition March
Amit Shah Meeting Opposition March

सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि 2029 के आम चुनाव से पहले महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलना शुरू हो जाए। इसके लिए समय रहते सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। यदि संशोधन विधेयक और संविधान संशोधन समय पर पारित हो जाते हैं, तो 2029 के चुनाव में पहली बार बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवार आरक्षित सीटों से चुनाव लड़ती नजर आ सकती हैं।

विपक्ष से भी बातचीत शुरू

इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सरकार विपक्ष को भी साथ लेकर चलना चाहती है। इसलिए केंद्रीय गृह मंत्री ने विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं से बातचीत शुरू कर दी है। शुरुआत में छोटे और क्षेत्रीय दलों के नेताओं से चर्चा की गई है। इनमें शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (शरद पवार गुट) जैसे दल शामिल हैं। आने वाले समय में कांग्रेस और अन्य बड़े दलों के साथ भी बातचीत की जाएगी। सरकार चाहती है कि यह फैसला सर्वसम्मति से लिया जाए ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो।

महिलाओं को क्या मिलेगा फायदा?

महिला आरक्षण लागू होने से देश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इससे महिलाओं को सीधे तौर पर कई फायदे मिलेंगे:

  • संसद और विधानसभाओं में उनकी संख्या बढ़ेगी
  • नीति निर्माण में उनकी भागीदारी मजबूत होगी
  • महिलाओं से जुड़े मुद्दों को अधिक प्राथमिकता मिलेगी
  • राजनीति में महिलाओं की नई पीढ़ी को अवसर मिलेगा
  • यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

क्या हैं चुनौतियां?

  • हालांकि सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी सामने हैं:
  • संविधान संशोधन के लिए संसद में विशेष बहुमत की जरूरत होगी
  • सभी दलों की सहमति जरूरी होगी
  • परिसीमन की प्रक्रिया तकनीकी और जटिल होती है
  • राजनीतिक संतुलन बनाए रखना भी चुनौती रहेगा
  • इन सबके बावजूद सरकार इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की कोशिश में है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।