‘कोरोना महामारी की तरह…’, पश्चिम एशिया संकट के बीच लोकसभा में PM मोदी ने देशवासियों को किया अलर्ट?

Summary :

PM Modi on Covid Pandemic: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने साफ कहा कि यह संकट जल्दी खत्म होने वाला नहीं है और इसका असर लंबे समय तक देखने को मिल सकता है। ऐसे समय में देश को एकजुट रहना होगा और हर तरह की चुनौती के लिए तैयार रहना जरूरी है। उन्होंने कोविड महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने पहले भी कठिन हालात का सामना किया है और इस बार भी हमें उसी तरह मजबूत रहना होगा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा…

PM Modi on Covid Pandemic: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने साफ कहा कि यह संकट जल्दी खत्म होने वाला नहीं है और इसका असर लंबे समय तक देखने को मिल सकता है। ऐसे समय में देश को एकजुट रहना होगा और हर तरह की चुनौती के लिए तैयार रहना जरूरी है। उन्होंने कोविड महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने पहले भी कठिन हालात का सामना किया है और इस बार भी हमें उसी तरह मजबूत रहना होगा।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है और इस संकट को तीन सप्ताह से अधिक समय हो चुका है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा उत्पन्न होना एक बड़ी समस्या बन गई है। यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बहुत अहम है, और इसमें रुकावट आने से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि दुनिया के कई देश इस स्थिति के जल्द समाधान की अपील कर रहे हैं।

PM Modi on Covid Pandemic: भारत के सामने कई तरह की चुनौतियां

PM Modi on Covid Pandemic
PM Modi on Covid Pandemic (Source: Social Media)

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संकट ने भारत के सामने कई अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये चुनौतियां केवल आर्थिक नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में विदेश मंत्री और पेट्रोलियम मंत्री ने इस मुद्दे पर संसद को जानकारी दी है, लेकिन हालात को देखते हुए इस पर व्यापक चर्चा जरूरी है।

व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिस क्षेत्र में यह संघर्ष चल रहा है, वह भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत का एक बड़ा हिस्सा कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति इसी क्षेत्र से होती है। इसके अलावा यह इलाका वैश्विक व्यापार के लिए भी अहम मार्ग है। ऐसे में अगर वहां अस्थिरता बनी रहती है तो भारत सहित कई देशों की सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। इसके अलावा समुद्री जहाजों में भी बड़ी संख्या में भारतीय क्रू सदस्य मौजूद हैं। इस वजह से भारत की जिम्मेदारी और चिंता दोनों बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर भारतीय की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

भारतीयों की सुरक्षित वापसी और मदद

प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि संकट शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित देश वापस लाया जा चुका है। ईरान से ही लगभग 1,000 भारतीयों को निकाला गया, जिनमें बड़ी संख्या मेडिकल छात्रों की थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश और विदेश में 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन शुरू किए हैं, ताकि लोगों को तुरंत मदद मिल सके।

प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि भारत में पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई को प्रभावित होने से बचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

PM Modi News: कृषि क्षेत्र पर संभावित असर

PM Modi News
PM Modi News (Source: Social Media)

उन्होंने कहा कि युद्ध का असर खेती पर भी पड़ सकता है, लेकिन भारत इस मामले में मजबूत स्थिति में है। देश के किसानों ने पर्याप्त खाद्यान्न उत्पादन किया है, जिससे देश में अनाज की कमी नहीं है। सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि खरीफ सीजन की बुवाई समय पर हो सके। साथ ही, खाद और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों में भारत ने आपातकालीन स्थिति को ध्यान में रखते हुए कच्चे तेल के भंडारण पर खास ध्यान दिया है। वर्तमान में देश के पास 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार है और इसे और बढ़ाने पर काम चल रहा है। इसके अलावा, भारत अलग-अलग देशों से तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार संपर्क में है।

इथेनॉल मिश्रण से आयात में कमी

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत ने इथेनॉल उत्पादन और उसके उपयोग को बढ़ाने में बड़ी प्रगति की है। जहां पहले पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बहुत कम थी, वहीं अब यह 20 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है। इससे हर साल करोड़ों बैरल तेल के आयात में कमी आई है, जो देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

बिजली और कोयला उत्पादन की स्थिति

गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बिजली की मांग बढ़ने वाली है। हालांकि, देश इस स्थिति के लिए तैयार है। सभी पावर प्लांट्स में पर्याप्त कोयला स्टॉक मौजूद है। भारत ने लगातार दूसरे साल 100 करोड़ टन कोयला उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने बताया कि बिजली उत्पादन और आपूर्ति की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी तरह की दिक्कत न आए।

प्रधानमंत्री के भाषण से पहले राज्यसभा की एक सांसद ने इस स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह संकट तीसरे विश्व युद्ध का रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि परमाणु युद्ध जैसी आशंकाएं भी सामने आ रही हैं, जो पूरी दुनिया के लिए खतरा हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को इस मुद्दे पर विपक्ष को साथ लेकर चलना चाहिए।

एकजुटता का संदेश

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समय राजनीति से ऊपर उठकर देशहित में सोचने का है। उन्होंने संसद से अपील की कि इस संकट को लेकर एकजुट संदेश पूरी दुनिया तक जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत इस चुनौती का सामना मजबूती से करेगा और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।

यह भी पढ़ें: पश्चिम एशिया संकट के बीच PM मोदी का संबोधन! भारत की चिंता और होर्मुज समेत कई अहम मुद्दों पर दिया विश्व को संदेश

Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।