PM Modi Loksabha Speech Highlights: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी सोमवार को संसद को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत के सामने कई नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। इस संकट को तीन हफ्ते से ज्यादा समय हो चुका है और पूरी दुनिया इसके समाधान की उम्मीद कर रही है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार लगातार दूसरे देशों के संपर्क में है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी भी इस पर लगातार काम कर रहे हैं। सरकार ने भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए हैं। अब तक 3,75,000 से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। ईरान से भी करीब 1000 भारतीयों को निकाला गया है, जिनमें कई छात्र शामिल हैं।
PM Modi Speech: ऊर्जा संकट से निपटने के लिए भारत ने…
ऊर्जा संकट से निपटने के लिए भारत ने पहले से तैयारी कर रखी है। देश के पास पर्याप्त स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व मौजूद है। इसके अलावा भारत ने पिछले वर्षों में अपने आयात स्रोतों को बढ़ाकर 41 देशों तक कर लिया है, जिससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हुई है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार एलपीजी और अन्य जरूरी संसाधनों की सप्लाई को प्राथमिकता दे रही है ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
PM Modi Loksabha Speech Highlights: संबोधन की 5 बड़ी बातें

1. भारत के लिए गंभीर चिंता
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह युद्ध भारत के लिए सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय खबर नहीं है, बल्कि सीधी चिंता का विषय है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल और गैस इसी क्षेत्र से मंगाता है। इसलिए यहां किसी भी तरह का संकट सीधे देश की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा जरूरतों को प्रभावित करता है।
🚨 BIG STATEMENT by PM Modi in Parliament
— Closure of Hormuz is UNACCEPTABLE.
— Need to prepare for LONG-TERM IMPACT of West Asia war.
— India in touch with stakeholders for PASSAGE of vessels.
— All power plants have STOCKS.pic.twitter.com/DKmcSL56UE— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) March 23, 2026
2. ‘होर्मुज जलमार्ग का बंद होना अस्वीकार्य’
उन्होंने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि ऊर्जा सप्लाई की जीवनरेखा है। मौजूदा हालात में इस रास्ते से सप्लाई प्रभावित होना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि होर्मुज जलमार्ग का बंद होना अस्वीकार्य है। पश्चिम एशिया युद्ध के दीर्घकालिक प्रभावों के लिए तैयारी करना आवश्यक है। जहाजों के आवागमन के लिए भारत संबंधित पक्षों के संपर्क में है। सभी बिजली संयंत्रों में पर्याप्त स्टॉक है।
3. भारतीयों की सुरक्षा सबसे पहले
प्रधानमंत्री ने कहा कि खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में भारतीय नाविक भी जहाजों पर काम करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
4. सरकार की सक्रिय तैयारी
सरकार ने प्रभावित देशों में भारतीयों की मदद के लिए हर संभव कदम उठाए हैं। दूतावास लगातार काम कर रहे हैं और 24 घंटे हेल्पलाइन चलाई जा रही है। जरूरतमंद लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
5. ऊर्जा सप्लाई को बनाए रखने की कोशिश
प्रधानमंत्री ने बताया कि होर्मुज में दिक्कतों के बावजूद भारत अपनी जरूरतों को पूरा करने की पूरी कोशिश कर रहा है। पिछले कुछ सालों में भारत ने ऊर्जा आयात के स्रोत बढ़ाए हैं और अब कई देशों से तेल-गैस मंगाई जा रही है।
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