Modi Cabinet Meeting: केंद्रीय कैबिनेट की हालिया बैठक में देश के औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे और पारदर्शिता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों का उद्देश्य भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और निवेश को प्रोत्साहित करना है। आइए इन्हें आसान भाषा में समझते हैं।
Modi Cabinet Meeting: BHAVYA योजना को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने “भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA)” को मंजूरी दे दी है। इस योजना की घोषणा पहले बजट में की गई थी। इसके तहत देशभर में 100 नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।इन क्लस्टरों को “प्लग एंड प्ले” मॉडल पर बनाया जाएगा। यानी उद्योग लगाने के लिए पहले से ही सड़क, बिजली, पानी जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे उद्योगों को जल्दी शुरू करने में आसानी होगी।
100 औद्योगिक शहरों का विकास
इस योजना के तहत देश में 100 बड़े औद्योगिक शहर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन शहरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि देश-विदेश की कंपनियां यहां निवेश करने के लिए आकर्षित हों। सरकार का मानना है कि इससे औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी और भारत वैश्विक उत्पादन केंद्र के रूप में उभरेगा।
योजना पर खर्च और उद्देश्य
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इस योजना पर करीब 33,660 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। यह योजना “मेक इन इंडिया” पहल को और मजबूत करेगी। इसके जरिए भारत में बने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।
MSME और रोजगार पर फोकस
BHAVYA योजना का खास ध्यान छोटे, मंझोले और सूक्ष्म उद्योगों (MSMEs) को बढ़ावा देने पर है। इसके तहत:
- नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे
- MSMEs को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्ती फाइनेंसिंग मिलेगी
- नई टेक्नोलॉजी तक पहुंच आसान होगी
- इन प्रयासों से उत्पादन बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
प्रोजेक्ट चयन और मूल्यांकन के मानदंड
इस योजना के तहत परियोजनाओं का चयन “चैलेंज मोड” में किया जाएगा। इसमें राज्य सरकारों, केंद्र के सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और निजी कंपनियों की भागीदारी होगी। प्रोजेक्ट्स के मूल्यांकन के लिए कुछ मुख्य मानदंड तय किए गए हैं:
- PM गतिशक्ति के सिद्धांतों का पालन
- अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर
- ग्रीन एनर्जी का उपयोग
- कारोबार करने में आसानी (Ease of Doing Business)
कपास MSP पर खर्च की भरपाई
कैबिनेट ने कपास सीजन 2023-24 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से जुड़े खर्च की भरपाई को भी मंजूरी दी है। इसके तहत 1,718 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति की जाएगी। इस फैसले से किसानों को राहत मिलेगी और कपास उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा।
बाराबंकी-बहराइच हाईवे परियोजना
उत्तर प्रदेश में बाराबंकी से बहराइच तक 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। यह परियोजना लगभग 101.5 किलोमीटर लंबी होगी। इस पर करीब 6,969 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे हाइब्रिड वार्षिकी मोड पर बनाया जाएगा। इससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
FCRA संशोधन बिल को हरी झंडी
कैबिनेट ने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी FCRA में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य देश में काम कर रहे गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) को मिलने वाले विदेशी फंड की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। नए संशोधनों के जरिए विदेशी फंडिंग से जुड़े नियमों को और सख्त और स्पष्ट बनाया जाएगा।
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