सीएम उमर अब्दुल्ला ने राजौरी बाढ़ पर जताया दुख, प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का दिया भरोसा

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श्रीनगर, 19 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राजौरी में रात भर हुई भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ पर गहरा दुख जताया है। इस बाढ़ से बस स्टैंड समेत सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है और शहर एवं आसपास के इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह सुबह से ही हालात पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं और उनका कार्यालय समय पर राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रतिनिधियों और जिला अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। प्रभावित लोगों के प्रति सरकार…

श्रीनगर, 19 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राजौरी में रात भर हुई भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ पर गहरा दुख जताया है। इस बाढ़ से बस स्टैंड समेत सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है और शहर एवं आसपास के इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह सुबह से ही हालात पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं और उनका कार्यालय समय पर राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रतिनिधियों और जिला अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। प्रभावित लोगों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी।

उन्होंने कहा, “सुबह से ही मैं जम्मू के कुछ हिस्सों, खासकर राजौरी शहर और आसपास के इलाकों में बहुत भारी बारिश से बने हालात पर बारीकी से नजर रखे हुए हूं। मैं इस क्षेत्र के स्थानीय विधायकों के संपर्क में हूं। हालात को देखते हुए प्रशासन की पहली प्राथमिकता कीमती जानें बचाना है। सरकार बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण संपत्ति का नुकसान झेलने वाले प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर संभव प्रयास करेगी।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी और जम्मू डिवीजन के कुछ हिस्सों में हालात की गंभीरता को देखते हुए वह आज दोपहर दिल्ली से जम्मू के लिए रवाना होंगे और खुद जमीनी स्तर पर हालात का जायजा लेंगे। रात भर हुई भारी बारिश के कारण राजौरी के कई हिस्सों में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए और बुनियादी ढांचे व संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। एहतियात के तौर पर सैकड़ों निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

बचाव दल, नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर राहत और बचाव कार्य चला रहे हैं, लगातार हालात पर नजर रख रहे हैं और प्रभावित निवासियों को मदद पहुंचा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जान बचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है और उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि वे प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को तुरंत राहत, पुनर्वास और हर जरूरी मदद सुनिश्चित करें।

वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), श्रीनगर स्टेशन की ओर से जारी चेतावनी के अनुसार, 19 जुलाई से 23 जुलाई तक श्रीनगर समेत पूरे जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए सभी निवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

आम जनता, खासकर फकीर गुजरी, उसके आसपास के इलाकों और खोनमोह में रहने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि जब तक मौसम साफ न हो जाए, वे पहाड़ी ढलानों, भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की आशंका वाले इलाकों या जलाशयों के पास न जाएं। पर्यटकों और स्थानीय शिकारा चलाने वालों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की चेतावनी के दौरान डल झील और निगीन झील में अपनी सभी गतिविधियां रोक दें।

इसी तरह, झेलम नदी और अन्य जलाशयों के किनारे रेत निकालने का काम करने वालों को सख्त सलाह दी जाती है कि वे झेलम नदी और उसकी सहायक नदियों की मौजूदा स्थिति और जल स्तर की जांच किए बिना नदी पार करने या रेत निकालने का कोई भी काम न करें।

–आईएएनएस

ओपी/डीकेपी

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