मुंबई, 7 नवंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों एनसीपी के आंतरिक घटनाक्रम, महायुति सरकार के कामकाज और विपक्षी दलों के बयानों को लेकर सियासी हलचल जारी है। इसी बीच शिवसेना नेता शायना एनसी और भाजपा विधायक राम कदम ने विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। शायना एनसी ने एनसीपी के आंतरिक मामलों पर किसी भी तरह की अटकलें लगाने से इनकार किया। वहीं, राम कदम ने अभिषेक बनर्जी, सोनिया गांधी और एनसीपी नेताओं को लेकर अपनी बात रखी।
शिवसेना नेता शायना एनसी ने एनसीपी से जुड़े घटनाक्रम पर कहा कि यह पूरी तरह से उस पार्टी का आंतरिक मामला है और इस पर किसी तरह की अटकलें लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि शिवसेना का ध्यान महाराष्ट्र के विकास पर केंद्रित है। उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का एकमात्र लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य की प्रगति में किसी तरह की बाधा न आए। उन्होंने भरोसा जताया कि महायुति के तीनों घटक दल मिलकर महाराष्ट्र की जनता के हित में काम करते रहेंगे।
रामायण फिल्म और भारतीय संस्कृति के महत्व पर भी शायना एनसी ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि रामायण आज भी प्रासंगिक है और नई पीढ़ी के लिए इसे समझना बेहद जरूरी है। जेनरेशन जेड और जेनरेशन अल्फा को भी भारत की संस्कृति और सभ्यता के बारे में जानकारी होनी चाहिए। रामायण पर आधारित फिल्म के माध्यम से दर्शकों को देश के इतिहास, संस्कृति और सभ्यता की झलक देखने को मिलेगी। यह फिल्म लोगों, खासकर युवाओं के लिए सीखने का एक अच्छा अवसर साबित हो सकती है।
वहीं, सीजेपी को लेकर शायना एनसी ने आरोप लगाया कि संगठन एक बार फिर राजनीतिक ड्रामा कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले संगठन दिल्ली के जंतर-मंतर पर था और अब कोच्चि पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन को अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन उसे अपने विजन और भविष्य की योजना भी स्पष्ट करनी चाहिए।
शायना एनसी ने कहा कि देश का युवा राजनीतिक दिखावे के बजाय रोजगार और आत्मनिर्भरता से जुड़ी ठोस योजनाएं चाहता है। युवाओं को ऐसी नीतियों की जरूरत है, जिनसे उन्हें रोजगार के अवसर मिल सकें और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
दूसरी ओर, भाजपा विधायक राम कदम ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के सोशल मीडिया पोस्ट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी अपने एक्स हैंडल पर कुछ तस्वीरें साझा कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसा जनता की सहानुभूति हासिल करने के लिए किया जा रहा है और क्या उनके द्वारा साझा किया गया ऑडियो उनके ही लोगों ने तैयार किया है।
राम कदम ने आरोप लगाया कि ऑडियो सुनने से ऐसा प्रतीत होता है कि इसे उनके अपने लोगों ने बनाया है। उन्होंने अभिषेक बनर्जी को निशाने पर लेते हुए कहा कि व्यक्ति को अपने कर्मों का फल जरूर मिलता है।
एनसीपी के दोनों गुटों के बीच संभावित राजनीतिक समीकरणों पर राम कदम ने कहा कि सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल जैसे नेता पहले शरद पवार के साथ थे। उस समय एनसीपी एक ही पार्टी थी लेकिन बाद में कुछ नेता अलग हो गए। उन्होंने कहा कि अब कौन-सा गुट किसके साथ जाना चाहता है, यह संबंधित नेताओं और पार्टियों का आंतरिक फैसला है। भाजपा इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती।
–आईएएनएस
एसएके/पीएम
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