Aaj Ka Panchang 07 November 2026: जानें तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और आज का पूरा पंचांग

Summary :

Aaj Ka Panchang 07 November 2026: 07 नवंबर 2026 का पंचांग: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग देखना महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के माध्यम से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल और शुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त होती है। शनिवार, 07 नवंबर 2026 को कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रहेगी। इस दिन चित्रा नक्षत्र और प्रीति योग का संयोग बन रहा है। दिल्ली के अनुसार इस दिन सूर्योदय सुबह 06:37 बजे और सूर्यास्त शाम 05:32 बजे के आसपास होगा। धार्मिक दृष्टि से 07 नवंबर को मासिक शिवरात्रि और काली चौदस…

Aaj Ka Panchang 07 November 2026: 07 नवंबर 2026 का पंचांग: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग देखना महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के माध्यम से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल और शुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त होती है। शनिवार, 07 नवंबर 2026 को कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रहेगी। इस दिन चित्रा नक्षत्र और प्रीति योग का संयोग बन रहा है। दिल्ली के अनुसार इस दिन सूर्योदय सुबह 06:37 बजे और सूर्यास्त शाम 05:32 बजे के आसपास होगा।

धार्मिक दृष्टि से 07 नवंबर को मासिक शिवरात्रि और काली चौदस से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों का भी महत्व है। ऐसे में भगवान शिव, हनुमान जी और देवी-देवताओं की पूजा के लिए यह दिन विशेष माना जा सकता है।

आज का पंचांग – Aaj Ka Panchang 07 November 2026

दिन: शनिवार

तारीख: 07 नवंबर 2026

विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थी

शक संवत: 1948, पराभव

गुजराती संवत: 2082, पिंगल

मास: कार्तिक, पूर्णिमांत

अमान्त मास: अश्विन

पक्ष: कृष्ण पक्ष

तिथि: कृष्ण त्रयोदशी, सुबह 10:47 बजे तक

नक्षत्र: चित्रा, अगले दिन सुबह 05:52 बजे तक

योग: प्रीति, अगले दिन सुबह 03:28 बजे तक

करण: वणिज, सुबह 10:47 बजे तक; इसके बाद विष्टि

चंद्र राशि: कन्या

सूर्य राशि: तुला

दिल्ली के पंचांग के अनुसार 07 नवंबर को त्रयोदशी सुबह करीब 10:47 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी शुरू होगी। चित्रा नक्षत्र पूरी रात प्रभावी रहेगा और अगले दिन सुबह लगभग 05:52 बजे तक चलेगा।

07 नवंबर 2026 को कौन-सी तिथि है?

इस दिन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। त्रयोदशी तिथि का संबंध भगवान शिव की आराधना से भी जोड़ा जाता है। विशेष रूप से प्रदोष और मासिक शिवरात्रि जैसे अवसरों पर शिव पूजा का महत्व बढ़ जाता है।

07 नवंबर को त्रयोदशी सुबह 10:47 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ होगी। इसलिए जो लोग शिव पूजा, अभिषेक या अन्य धार्मिक अनुष्ठान करना चाहते हैं, उन्हें अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि और पूजा का समय देखना चाहिए।

आज का नक्षत्र और योग

07 नवंबर को चित्रा नक्षत्र रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में चित्रा नक्षत्र को रचनात्मकता, सौंदर्य, कौशल और निर्माण से जोड़ा जाता है। वहीं इस दिन प्रीति योग रहेगा। प्रीति योग को सामान्य रूप से शुभ और सौहार्दपूर्ण कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

पंचांग गणना के अनुसार प्रीति योग 08 नवंबर की सुबह लगभग 03:28 बजे तक रहेगा। इसके बाद आयुष्मान योग शुरू होगा।

07 नवंबर 2026 सूर्योदय और सूर्यास्त

दिल्ली में 07 नवंबर 2026 को सूर्यदेव का उदय लगभग सुबह 06:37 बजे होगा। सूर्यास्त लगभग शाम 05:32 बजे होगा। चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा और शाम के समय तक इसी राशि में स्थित रहेगा।

सूर्योदय के समय स्नान, सूर्यदेव को जल अर्पित करना और भगवान का ध्यान करना धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है। सूर्य को अर्घ्य देते समय तांबे के पात्र में जल लेकर उसमें लाल फूल या अक्षत डाल सकते हैं।

07 नवंबर 2026 का राहुकाल

पंचांग में राहुकाल को शुभ कार्यों के लिए सामान्यतः टालने की सलाह दी जाती है। दिल्ली के अनुसार 07 नवंबर को राहुकाल लगभग सुबह 09:21 बजे से 10:43 बजे तक रहेगा। वहीं यमगंड का समय लगभग दोपहर 01:26 बजे से 02:48 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह करीब 06:37 बजे से 07:59 बजे तक रहेगा।

इस दौरान नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना बेहतर माना जाता है। हालांकि रोजमर्रा के जरूरी काम इन समयों में किए जा सकते हैं।

07 नवंबर 2026 के शुभ मुहूर्त

इस दिन अभिजीत मुहूर्त लगभग सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक रहेगा। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त लगभग सुबह 04:52 बजे से 05:45 बजे तक माना गया है। धार्मिक पूजा, ध्यान और मंत्र जाप के लिए ब्रह्म मुहूर्त को विशेष महत्व दिया जाता है।

वहीं वरज्य समय लगभग दोपहर 01:06 बजे से 02:47 बजे तक बताया गया है। शुभ कार्यों के लिए स्थानीय पंचांग देखकर समय का चयन करना उचित रहेगा।

07 नवंबर को क्या करें?

शनिवार और कृष्ण पक्ष त्रयोदशी के दिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव और शनिदेव की पूजा की जा सकती है। सुबह स्नान के बाद शिवलिंग पर जल या दूध अर्पित करें। महामृत्युंजय मंत्र या ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करना भी शुभ माना जाता है।

शनिवार होने के कारण शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करने, जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराने या काले तिल का दान करने की परंपरा भी कई स्थानों पर प्रचलित है।

इस दिन हनुमान जी की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। हनुमान चालीसा का पाठ करके भगवान से मानसिक शक्ति, साहस और सकारात्मकता की प्रार्थना की जा सकती है।

07 नवंबर को किन बातों का रखें ध्यान?

राहुकाल और यमगंड जैसे अशुभ माने जाने वाले समय में नए शुभ कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करना बेहतर होता है, क्योंकि सूर्योदय और अन्य मुहूर्त स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं।

आज के दिन क्रोध, विवाद और अनावश्यक खर्च से बचने का प्रयास करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना और संयमित व्यवहार रखना शुभ माना जाता है।

07 नवंबर 2026 के प्रमुख पर्व और धार्मिक महत्व

दिल्ली के पंचांग में 07 नवंबर को काली चौदस, हनुमान पूजा और मासिक शिवरात्रि जैसे धार्मिक अवसरों का उल्लेख मिलता है। ऐसे में भक्त अपनी परंपरा और सुविधा के अनुसार भगवान शिव तथा हनुमान जी की पूजा कर सकते हैं।

काली चौदस के अवसर पर नकारात्मकता से मुक्ति और आध्यात्मिक शुद्धि की कामना से पूजा-पाठ करने की परंपरा है। वहीं मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव का ध्यान और रात्रि पूजा विशेष महत्व रखती है।

आज का पंचांग एक नजर में

तिथि: कृष्ण त्रयोदशी, सुबह 10:47 बजे तक
नक्षत्र: चित्रा
योग: प्रीति
करण: वणिज के बाद विष्टि
वार: शनिवार
सूर्योदय: सुबह 06:37 बजे
सूर्यास्त: शाम 05:32 बजे
राहुकाल: सुबह 09:21 से 10:43 बजे
यमगंड: दोपहर 01:26 से 02:48 बजे
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 से दोपहर 12:26 बजे
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:52 से 05:45 बजे

पंचांग के ये समय दिल्ली/नई दिल्ली के आधार पर हैं और दूसरे शहरों में इनमें अंतर हो सकता है।

Aaj Ka Panchang 07 November 2026: 07 नवंबर 2026 को कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी, चित्रा नक्षत्र और प्रीति योग का संयोग बन रहा है। शनिवार होने के कारण शिव पूजा के साथ शनिदेव और हनुमान जी की आराधना भी की जा सकती है। दिन में अभिजीत मुहूर्त और ब्रह्म मुहूर्त जैसे शुभ समय उपलब्ध हैं, जबकि राहुकाल और यमगंड में महत्वपूर्ण शुभ कार्यों की शुरुआत से बचना उचित माना जाता है।

Note: पंचांग के मुहूर्त और समय शहर के अनुसार बदल सकते हैं। ऊपर दिए गए समय दिल्ली/नई दिल्ली के आधार पर हैं। व्यक्तिगत पूजा, व्रत या शुभ कार्य के लिए स्थानीय पंचांग अथवा योग्य ज्योतिषाचार्य से समय की पुष्टि करें।

Shera Rajput