केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कोविड-19 संकट से जल्द पार पाने के लिये इसके टीकों पर पेटेंट शर्तों से छूट के प्रस्ताव और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण एवं कच्ची सामग्रियों की उपलब्धता को लेकर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सदस्यों के बीच तेजी से सहमति बनाने की जरूरत है।
गौरतलब है कि अक्तूबर 2020 में भारत और दक्षिण अफ्रीका ने कोविड की रोकथाम एवं इलाज के लिये ट्रिप्स समझौते के कुछ प्रावधानों को लागू करने के संबंध में डब्ल्यूटीओ के सभी सदस्य देशों को छूट देने का एक प्रस्ताव सौंपा था। बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार संबंधी पहलुओं (ट्रिप्स) को लेकर समझौता जनवरी 1995 में लागू हुआ था।
यह कॉपीराइट, औद्योगिक डिजाइन, पेटेंट और अघोषित सूचना या व्यापार गोपनीय जानकारी की सुरक्षा जैसे बौद्धिक संपदा अधिकारों को लेकर किया गया एक बहुपक्षीय समझौता है। गोयल ने बुधवार को विश्व आर्थिक सम्मलेन के वैश्विक व्यापार दृष्टिकोण सत्र में कहा, इस संकट से तेजी से उबरने के लिए हमें न केवल ट्रिप्स प्रावधानों से जुड़ी छूट को मंजूरी देनी होगी बल्कि ऐसा करने के लिए तेजी से आम सहमति बनानी होगा, प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण करना होगा और कच्ची सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।
उन्होंने कहा कि भारत कोविड की चुनौती से निपटने के अपने प्रस्ताव में दवा, टीके और संबंधित ढांचे को शामिल करना चाहता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 100 से ज्यादा देश पहले ही प्रस्ताव का समर्थन कर चुके हैं और उन्हें यकीन है कि जिन्होंने अब तक ऐसा नहीं किया है वे इस बात को मानेंगे कि इससे सबका ही भला होगा।


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