अमरावती (आंध्र प्रदेश) : तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के चार राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस तरह का संकट उनकी पार्टी के लिए नई बात नहीं है। उधर, भाजपा की राज्य इकाई ने दावा किया कि कुछ और नेता उनकी पार्टी में शामिल होंगे।
पार्टी सूत्रों ने कहा कि यूरोप में छुट्टियां मना रहे नायडू ने स्थिति का जायजा लेने के लिये यहां पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से फोन पर बात की।
उन्होंने कहा कि नायडू ने बागी नेताओं के बारे में पूछा और नेताओं से कहा कि इस तरह के संकट तेदेपा के लिए नई बात नहीं है।
सूत्रों ने उनके हवाले से कहा कि तेदेपा राज्य के हितों की सुरक्षा के लिए भाजपा से लड़ रही है। चार राज्यसभा सदस्यों ने भाजपा का दामन ऐसे समय थामा है जब करीब एक महीने पहले विधानसभा चुनावों में जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआर कांग्रेस ने तेदेपा को पटखनी दी।
इसके बाद से अटकलें थीं कि पार्टी विभाजन की तरफ बढ़ रही है जिसका एक प्रमुख कारण यह है कि पार्टी के नेता नायडू के बेटे लोकेश को अब नेता मानने को तैयार नहीं हैं। लोकेश खुद भी पहला चुनाव हार गये थे जिसके बाद उनकी पार्टी के भीतर कड़ी आलोचना हुई है।
तेदेपा को झटका देते हुए, उसके छह में से चार राज्यसभा सदस्यों ने ऊपरी सदन के सभापति एम वेंकैया नायडू को आवेदन देकर उनका भाजपा में विलय करने का अनुरोध किया। बाद में ये सदस्य नयी दिल्ली में भाजपा में शामिल हुए।
इस बीच, भाजपा की प्रदेश इकाई ने कहा कि नायडू के विदेश में छुट्टियां मनाकर लौटने तक तेदेपा ‘‘पूरी तरह से खाली’’ हो सकती है।
प्रदेश उपाध्यक्ष एस विष्णुवर्धन रेड्डी ने दावा किया, ‘‘नायडू के लौटने तक आंध्र प्रदेश का राजनीतिक चेहरा बदल जाएगा। पूर्व मंत्रियों और विधायकों सहित कई तेदेपा नेता भाजपा में शामिल होने की तैयारी में हैं।’’


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