लोकतंत्र के लिए विपक्ष जरूरी, महाराष्ट्र को जल्द मिले नेता प्रतिपक्ष : Supriya Sule

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महाराष्ट्र को जल्द मिले नेता प्रतिपक्ष: सुप्रिया सुले

एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने शनिवार को कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए विपक्ष का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, ”देश हो या राज्य, मेरा मानना है कि मजबूत लोकतंत्र के लिए विपक्ष का रहना बेहद ही जरूरी है।” सुप्रिया सुले ने कहा कि मैं उम्मीद करती हूं कि महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार बड़ा दिल दिखाते हुए विपक्ष को नेता प्रतिपक्ष चुनने का मौका देगी। उन्होंने कहा कि महा विकास अघाड़ी (एमवीए) में विरोधी नेता कौन होगा, यह तीनों पार्टी के नेता आपस में चर्चा कर नाम तय करेंगे, लेकिन राज्य सरकार को हमारे गठबंधन को मौका देना चाहिए।

इस दौरान सांसद सुप्रिया सुले ने नई शिक्षा नीति पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टॉलिन के बयान पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टॉलिन अपने तमिल भाषा के लिए स्टैंड ले रहे हैं। इस देश के हर राज्य की अपनी-अपनी भाषा है, जिसका सम्मान होना चाहिए। इसलिए मेरा कहना है कि कोई भी भाषा किसी राज्य पर नहीं थोपनी चाहिए।

वहीं, जेएनयू के वीसी की जवाहरलाल नेहरू और इतिहास पर टिप्पणी को लेकर सुप्रिया सुले ने कोई जवाब नहीं दिया। जब उनसे इस संबंध में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार करते हुए कहा, ”मुझे उनके बयान की जानकारी नही है। पहले उनका पूरा बयान सुनूंगी, फिर उस पर प्रतिक्रिया दूंगी।”

मीडिया से बातचीत में सांसद सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र के स्कूलों को लेकर कहा कि हम महाराष्ट्र में कोई भी मराठी या अन्य स्कूलों को बंद नहीं होने देंगे। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से कहा कि अगर राज्य सरकार ने ऐसा किया, तो हम सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

वहीं, शेयर मार्केट में लगातार गिरावट को लेकर सुप्रिया सुले ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था और कहीं पर भी कुछ भी हो रहा है तो उसका प्रभाव भारत पर पड़ रहा है। ये साफतौर पर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए भारत सरकार को सोच-समझकर कुछ अच्छे कदम उठाने चाहिए।

News Desk

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